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अजब: प्लस साइज की महिला कर रही थी ट्रैवेल, फ्लाइट की सीट में फिट नहीं आई तो कर दी 'फ्री सीट' की मांग

  • Authored by: किशन गुप्ता
  • Updated Apr 16, 2023, 09:18 AM IST

कनाडा के वैंकूवर में रहने वाली जेलिन चैने ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक पोस्ट साझा किया है, जिसे देखने के बाद आप भी सोच में पड़ जाएंगे। यह पोस्ट उसने फ्लाइट में सीट को लेकर हुए समस्या के लिए किया है।

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जेलिन चैने ने की फ्री सीट की मांग (फोटो साभार - इंस्टाग्राम 'jaebaeproductions')

KEY HIGHLIGHTS
  • प्लस साइज की महिला कर रही थी ट्रैवेल
  • फ्लाइट की सीट में नहीं आई सीट
  • महिला ने की फ्री सीट की मांग

Plus Size Woman Demands Free Seat in Flight: इस दुनिया में कब किसके साथ कौन सी घटना हो जाए, ये भला किसे पता होगा? अगर सही तरीके से देखा जाए तो ऐसी अनचाही घटनाएं किसी के साथ भी हो सकती है। ऐसी ही एक अजीबोगरीब घटना कनाडा की एक महिला के साथ हुई, जिसे सुनने के बाद आप शायद हंसे, लेकिन ये हंसने वाली घटना नहीं है। इसे सुनने के बाद आप सोच में पड़ जाएंगे।

सोशल मीडिया पर एक महिला का पोस्ट काफी वायरल हो रहा है। इस महिला का नाम जेलिन चैने है, जो कनाडा के वैंकूवर की रहने वाली है। जेलिन पेशे से एक ट्रैवल और लाइफस्टाइल क्रिएटर हैं। दरअसल, मामला कुछ यूं है कि एक प्लस साइज की महिला ने ट्रैवेल करने के लिए फ्लाइट में बुंकिंग करवाई थी। लेकिन शरीर की साइज ज्यादा होने के चलते वह एक सीट में फिट नहीं आ रही थी, ऐसे में उसने एयरलाइंस वालों से फ्री सीट की मांग की, इसी को लेकर उसने पोस्ट भी किया है। साथ ही महिला ने कहा कि यह समस्या किसी के साथ भी हो सकती है। ऐसे में प्लेन कंपनियों को इस विषय में सोचना चाहिए, क्योंकि पूरी दुनिया में प्लस साइज के करोड़ों लोग रहते हैं।

महिली ने की फ्री सीट की मांग

इस महिला ने आगे कहा कि काफी एयरलाइंस ऐसी हैं, जो इस प्रकार की सुविधाएं मुहैया करवाती हैं। लेकिन कुछ फ्लाइट्स में ये समस्या अभी भी बनी हुई है। लेकिन इसका समाधान उन्हें करना चाहिए। दुनिया में कई ऐसे लोग हैं, जिन्हें बैठने के लिए एक नहीं बल्कि एक से अधिक सीटों की जरूरत पड़ती है। ऐसे में एयरलाइंस को चाहिए कि ऐसे लोगों के लिए सीट की अलग से व्यवस्था की जानी चाहिए, ताकि सभी लोग आराम से ट्रैवेल कर सकें। और जो लोग बैठने के लिए एक अतिरिक्त सीट की बुकिंग करते हैं, उन्हें उनका पैसा रिफंड किया जाना चाहिए।

जेलिन को सीट पर बैठने में हुई काफी दिक्कत

इसके लिए जेलिन ने एक याचिका लगाई है, जिसमें उन्होंने मांग की है कि प्लस साइज यात्रियों को उनके जरूरत के हिसाब से सीट मुहैया कराई जाए। चाहे उन्हें एक सीट की जरूरत हो या दो सीट या तीन सीट की। उन्होंने इस पूरे मामले को इंस्टाग्राम पर शेयर किया है। इसके साथ ही उन्हें सीट पर बैठने में कितनी दिक्कत हुई, उसका भी एक फोटो उन्होंने शेयर किया है। साथ ही बताया कि उसके ब्वॉयफ्रेंड को भी फ्लाइट लेने के दौरान काफी असहज महसूस हुआ, अन्य यात्री उनके साथ बैठने तक से इंकार कर रहे थे और काफी भला-बुरा भी कह रहे थे।

किशन गुप्ता
किशन गुप्ताauthor

<p>देश की धार्मिक राजधानी काशी में जन्म लिया और घाटों पर खेल-कूदकर बड़ा हुआ। साल 2019 में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में मास्टर्स डिग्री ली। यही से पत्रकारिता की शुरुआत भी हुई। इसी साल जुलाई में हैदराबाद स्थित रामोजी रॉव के स्वामित्व वाले ईटीवी भारत से करियर की शुरुआत हुई। बतौर ट्रेनी यहां एक साल से अधिक का समय बिताया। यह पहली दफा था, जब घर से दूर निकला था। लेकिन चस्का था तो काम करने, एक अच्छा पत्रकार बनने का। यहां रहकर चंद्रयान - 2 को कवर करने का मौका मिला। इसके बाद राजस्थान में शिक्षक भर्ती को लेकर उम्मीदवारों की ओर से हुए हिंसक विरोध को भी करीब से देखा। इस दौरान पथराव का भी सामना करना पड़ा। लेकिन काम करने का एक जुनून था। यह पहली दफा था, जब मैंने किसी बड़ी न्यूज को कवर किया था। इसके बाद ये सिलसिला चलता गया। कुछ समय ऐसा भी आया, जब होम पेज भी काम करने को मिला। करीब एक साल से अधिक समय बिताने के बाद ईटीवी भारत से अलविदा लिया और अपने गृह जिले में पहुंचा, जहां के एक लोकल चैनल टूडेज इंडिया न्यूज में काम करने का मौका मिला। यहां करीब डेढ़ साल से अधिक का समय बिता, जहां रहकर बनारस के साथ-साथ पूर्वांचल को भी कवर करने का मौका मिला। राजनीति और क्राइम की खबरों में खासा रूचि होने के कारण अक्सर फोकस भी इसी पर रहता था। इस दौरान कोविड के दंश को भी देखा। कोरोना काल का यह वो भयानक मंजर था, जिसकी किसी को आशंका न थी। इस दौरान खबरों के माध्यम से देश के दुख-दर्द को करीब से महसूस करने का मौका मिला। फिर मई 2022 में वनइंडिया ज्वाइन कर ली, यहां से फीचर राइटिंग की शुरुआत करते हुए मैंने ट्रैवेल पर काम करना शुरू किया। ऑफिस बैंगलोर था, तो वहां जाने के लिए काफी सोचना भी पड़ा लेकिन दिमाग में था कि बड़ा कुछ करना है तो देश की आर्थिक राजधानी के लिए निकल पड़ा। यहां काफी कम समय ही बिता, करीब 9 महीने तक काम करने के बाद यहां से अलविदा लिया। फिर समय आया देश के प्रतिष्ठित संस्थान टाइम्स नेटवर्क से जुड़ने का। मार्च 2023 में मैं Timesnowhindi.com के वायरल टीम से जुड़ा। इस बीच तमाम ट्रेंडिंग, वायरल और अजब-गजब जैसी कई खबरें की। बीट अलग होने के कारण थोड़ा चैलेंजिंग था लेकिन उस चैलेंज को पूरा करते हुए और चुनौतियों का सामना करते हुए आज एक साल से ऊपर का समय हो गया है।</p>

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