National Anthem of iran meaning: ईरान का आधिकारिक राष्ट्रगान 'Soroud-e Melli-ye Jomhouri-ye Eslami-e Iran' कहलाता है। इसे 'Mehr-e Khavaran' भी कहा जाता है, जिसका अर्थ है "पूर्व का सूरज" या "ईस्टर्न सन"। यह राष्ट्रगान वर्ष 1990 में आधिकारिक रूप से अपनाया गया था। इसकी एक खास बात यह है कि यह बहुत छोटा है और कुछ ही पंक्तियों में अपना संदेश देता है। यह राष्ट्रगान 1979 की इस्लामी क्रांति की भावना को दर्शाता है। इसमें क्रांति, स्वतंत्रता, शहीदों और इस्लामी गणराज्य की स्थिरता का उल्लेख किया गया है। गीत की शुरुआत 'पूर्व के सूरज' के उगने की बात से होती है।
‘पूर्व का सूरज’ क्यों कहलाता है ईरान का राष्ट्रगान? (फोटो: iStock)
ईमान और विश्वास की चमक के रूप में प्रस्तुत
यहां सूरज नई शुरुआत, उम्मीद और बदलाव का प्रतीक है। इसे इस्लामी क्रांति के रूप में देखा जाता है, जिसने देश की दिशा बदल दी।
राष्ट्रगान में 'बहमन' महीने का जिक्र भी आता है। बहमन ईरानी कैलेंडर का वह महीना है, जिसमें 1979 की क्रांति सफल हुई थी। इसलिए इसे ईमान और विश्वास की चमक के रूप में प्रस्तुत किया गया है। गीत में इमाम का उल्लेख भी है, जो रुहोल्लाह खुमैनी के लिए प्रयोग किया गया संबोधन है। उनके प्रसिद्ध नारे 'इस्तेकलाल, आजादी' यानी 'स्वतंत्रता और आजादी' को राष्ट्रगान में विशेष स्थान दिया गया है।
राष्ट्रगान में शहीदों का भी नाम
यह नारा उस समय क्रांति का मुख्य संदेश था और आज भी देश की पहचान का हिस्सा माना जाता है। राष्ट्रगान में शहीदों को भी याद किया गया है। क्रांति और बाद के संघर्षों, जैसे ईरान-इराक युद्ध, में जान गंवाने वालों की कुर्बानी को सम्मान दिया गया है। गीत में कहा गया है कि उनकी आवाज समय के साथ गूंजती रहती है। अंत में इस्लामी गणराज्य ईरान की स्थायित्व और अमरता की कामना की गई है। कुल मिलाकर, यह राष्ट्रगान छोटे शब्दों में देश के इतिहास, विश्वास और राष्ट्रीय भावना को व्यक्त करता है।
