Slowest Train of India: आपने भी ट्रेन से कभी न कभी यात्रा जरूर की होगी। भारतीय ट्रेन से हर दिन लाखों यात्री अपने गंतव्य को जाते हैं।देश में तकरीबन हर दिन 13 हजार पैसेंजर ट्रेनें चलती हैं। इन ट्रेनों पर बैठने के लिए यात्री किसी न किसी स्टेशन पर जाते हैं। जहां से ट्रेन पकड़कर वह यात्री शुरू करते हैं और फिर अपने गंतव्य तक पहुंचते हैं। भारत में ट्रेनों की स्थिति काफी ज्यादा अच्छी है। भारतीय रेलवे दुनिया की चौथी सबसे बड़ी ट्रेन सेवा है।
देश की सबसे धीमी ट्रेन (iStock)
कौन सी है भारत की सबसे धीमी ट्रेन
भारत में वैसे तो कई सारी सुपरफास्ट ट्रेनें चलती हैं, जिनकी स्पीड 150 किलोमीटर प्रतिघंटा से भी अधिक होती है। यहां तक कि भारत जल्द ही अपनी पहली बुलेट ट्रेन चलाने जा रहा है, जो अहमदाबाद से मुंबई तक दौड़ेगी। इसके साथ ही देश में नमो भारत ट्रेन की सेवा भी शुरू हो चुकी है, जिसकी स्पीड 180 से 200 किलोमीटर प्रतिघंटा तक है। वहीं दूसरी तरफ देश में एक ऐसी ट्रेन चलती है, जिसे देश की सबसे धीमी चलने वाली ट्रेन कहें तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी।
आप देश की सबसे धीमे चलने वाली ट्रेन की स्पीड जानकर हैरान रह जाएंगे। आपको जानकर आश्चर्य होगा कि भारत की सबसे धीमे चलने वाली ट्रेन 5 घंटे में मात्र 46 किलोमीटर का सफर तय करती है। इस हिसाब से देखा जाए तो इस ट्रेन की गति तकरीबन 9 किलोमीटर प्रतिघंटे होती है। दुनियाभर में कुछ ही ऐसी ट्रेन होंगी, जो भारत की सबसे स्लो ट्रेन से भी धीरे चलती होंगी। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि इस ट्रेन की स्पीड साइकिल से भी कम है।
देश की सबसे धीमी ट्रेन से यात्रा करना सुखद एक्सपीरिएंस
यहां तक कि अगर कोई इंसान दौड़ना शुरू करे तो इस ट्रेन को आसानी से पीछे छोड़ सकता है। दुनिया की सबसे धीमी चलने वाली ट्रेनों में इस ट्रेन का नाम भी शुमार है। आपको बता दें कि भारत की सबसे धीमी ट्रेन का नाम मेट्टुपालयम–ऊटी नीलगिरि पैसेंजर है। यह ट्रेन नीले रंग की है और ऊटी तथा कुन्नूर आने वाले टूरिस्ट की फेवरेट ट्रेन भी है। यह ट्रेन इतनी भरी हुई चलती है कि आपको इसकी बुकिंग पहले करानी होगी। बता दें कि यह ट्रेन पहाड़ों पर चलती है और रैक एंड पिनियन सिस्टम यानि दांतेदार रेल गियर सिस्टम का प्रयोग करती है। इसकी मदद से यह ट्रेन तीखी चढ़ाई पर भी आसानी से चढ़ जाती है। बता दें कि इस ट्रेन को यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट में शामिल किया गया है। रास्तेभर यह ट्रेन खूबसूरत नजारे दिखाते हुए चलती है। इस दौरान यात्रियों को प्राकृतिक दृश्य, चाय बागान, बर्फीली वादियां, कोलाहल रहित वातावरण का अनुभव मिलता है। ट्रेन के रास्ते में 208 मोड़, 16 सुरंगें और 250 से ज्यादा पुल मिलते हैं।
