कई दृष्टिबाधित छात्रों के लिए STEM एजुकेशन तक पहुंच आज भी सीमित है। वजह उनकी काबिलियत नहीं, बल्कि ऐसे लर्निंग टूल्स की कमी है जो उनके लिए accessible हों। इस स्टोरी में uDot के को-फाउंडर्स Kaviraj Prithvi और Lalita Laya K बताते हैं कि वे असिस्टिव टेक्नोलॉजी के जरिए STEM शिक्षा को कैसे नया रूप दे रहे हैं। uDot की टैक्टाइल, रिफ्रेशेबल-डॉट टेक्नोलॉजी डायग्राम, ग्राफ और मैथ के कॉन्सेप्ट्स को hands-on learning experience में बदलती है, जिससे दृष्टिबाधित स्टूडेंट्स साइंस और मैथ को बेहतर तरीके से सीख पा रहे हैं।This is a sponsored feature.