Health Insurance Claims: हेल्थ इंश्योरेंस किसी भी इमरजेंसी की स्थिति में बेहद ही कारगर साबित होता है। हेल्थ इंश्योरेंस के होने से आप वित्तीय बोझ नहीं बढ़ता और इलाज भी बेहतर तरीके से हो जाता है। हालांकि, कई बार देखने को मिलता है कि हेल्थ इंश्योरेंस के क्लेम रिजेक्ट भी कर दिए जाते हैं। इसलिए जरूरी है कि इंश्योरेंस की पॉलिसी लेते वक्त क्लेम के नियमों को ठीक तरह से समझ लें, ताकी इंमरजेंसी की स्थिति में आपको किसी भी तरह की परेशानियों से न जूझना पड़े।
हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम
पॉलिसी कवर
यह जानना आवश्यक है कि आपकी पॉलिसी क्या कवर करती है और क्या नहीं। क्योंकि हर पॉलिसी के नियम और शर्तें अलग-अलग होती हैं। इसलिए दस्तावेजों को ध्यान से पढ़ना जरूरी है। कई बार गलत डिटेल्स देने की वजह से भी क्लेम रद्द हो जाता है। इसलिए क्लेम करते वक्त सभी जरूरी दस्तावेजों की डिटेल्स ठीक तरह से दें।
इन चीजों की सही जानकारी दें
अगर आप पॉलिसी लेते वक्त गलत जानकारी देते हैं, तो क्लेम के समय आपको परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए उम्र, इनकम, अगर आपको पहले से कोई बीमारी है, तो इस बारे में सही जानकारी दें।
पहले से मौजूद बीमारियों, फैमिली डिजीज हिस्ट्री, धूम्रपान या शराब के सेवन का खुलासा न करने पर क्लेम खारिज हो सकता है। हर हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी में एक वेटिंग पीरियड होता है। अगर इस दौरान क्लेम करते हैं, तो उसे कैंसिल कर दिया जाता है।
प्रीमियम का पेमेंट
अगरल प्रीमियम का पेमेंट नहीं करने के कारण हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी समाप्त हो गई है, तो बीमाकर्ता हेल्थ कवरेज प्रदान करने के लिए उत्तरदायी नहीं है। प्रत्येक बीमा पॉलिसी में क्लेम नोटिफिकेशन के लिए एक निश्चित समय सीमा होती है, जिसके विफल होने पर बीमाकर्ता क्लेम को रिजेक्ट कर सकता है।
