Air Turbulence आखिर है क्या, हजारों फीट की ऊंचाई पर जोर-जोर से क्यों हिलता है प्लेन, आप कैसे सेफ रह सकते हैं

Air Turbulence: एयर टर्बुलेंस का सामना करते वक्त प्लेन हजारों फीट की ऊंचाई पर हवा में ही हिचकोले खाने लगता है। कई बार ये टर्बुलेंस इतने तेज होते हैं कि विमान के अंदर बैठे यात्रियों को चोट आ जाती हैं।

KEY HIGHLIGHTS
  • हजारों फीट की ऊंचाई पर उड़ रहे विमान करते हैं टर्बुलेंस का सामना
  • टर्बुलेंस के दौरान जोर-जोर से हिलने लगता है हवाई जहाज
  • सदी के अंत तक सामान्य से 3 गुना ज्यादा तेज हो सकते हैं टर्बुलेंस

Air Turbulence: उड़ान के दौरान एक प्लेन को कई तरह की चुनौतियां का सामना करना पड़ता है। इन चुनौतियों में एयर टर्बुलेंस काफी आम है। लेकिन एयर टर्बुलेंस को लेकर सामने आई कुछ रिसर्च रिपोर्ट ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। दरअसल, हाल-फिलहाल में हुए कुछ रिसर्च से मालूम चला है कि हवा में उड़ रहे विमानों के सामने टर्बुलेंस की समस्याएं बढ़ रही हैं, जिसके पीछ क्लाइमेट चेंज एक बड़ा कारण है। खासतौर पर ऊंचाई पर होने वाले कार्बन डाइऑक्साइड के उत्सर्जन से हवा की धाराएं प्रभावित हो रही हैं।

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एयर टर्बुलेंस सिर्फ यात्रियों के लिए ही नहीं बल्कि पायलटों के लिए काफी डरावना होता है

सदी के अंत तक 3 गुना तेज हो सकते हैं एयर टर्बुलेंस

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक एक्सपर्ट्स का कहना है कि आमतौर पर ज्यादा ऊंचाई पर और सर्दियों में होने वाले टर्बुलेंस सबसे कॉमन होते हैं। लेकिन इस सदी के अंत तक ये सामान्य टर्बुलेंस 3 गुना तक तेज हो सकते हैं। जिसकी वजह से यात्रियों को आने वाले समय में उड़ान के दौरान काफी भयानक परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है।

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