BIS Hospitals Bills: भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) देशभर के सभी हॉस्पिटलों में बिलिंग प्रोसेस के लिए एक समान मानक तय करने की प्लानिंग कर रहा है। इस संबंध में जानकारी रखने वाले लोगों का कहना है कि इस फैसले मरीजों के साथ-साथ हेल्थ इंश्योरेंस वाली कंपनियों और सरकारी एजेंसियों को भी फायदा होगा। बीआईस ने इस संबंध में इंडस्ट्री निकायों और इससे जुड़े हितधारकों से सुझाव मांगे हैं।
(प्रतीकात्मक फोटो)
इस मामले से जुड़े एक अधिकारी के अनुसार, हाल ही में इस संबंध में बैठक बुलाई गई थी। हाल ही में हुई बैठक में सभी हितधारकों के प्रतिनिधि शामिल हुए थे। इसमें सभी से सुझाव मांगे गए हैं कि अस्पतालों में बिलिंग प्रोसेस में क्या-क्या बदलाव किए जा सकते हैं।
बिलिंग प्रोसेस में ट्रांसपेरेंसी
मामले से जुड़े एक अधिकारी के अनुसार, प्राइवेट हॉस्पिटल के बिलिंग प्रोसेस में ट्रांसपेरेंसी का मुद्दा लंबे से चिंता का विषय रहा है। कोविड महामारी के दौरान इसमें तेजी से बढ़ोतरी देखी गई थी। बिल के नाम पर मरीजों से मोटा पैसा वसूला गया था। इससे जड़ी तमाम तरह की शिकातें सोशल मीडिया पर देखने को मिली थीं। ऐसे में जनता और डॉक्टर के बीच विवाद की घटनाएं भी सामने आती रहती हैं। इसलिए अस्पतालों के बिलिंग सिस्टम में एकरूपता लाने की जरूरत है। इससे जनता और प्रशासन दोनों को मदद मिलेगी।
बिलों के डिटेल्स की कमी
एक सर्वे रिपोर्ट के दौरान देश के 74 फीसदी लोग सरकार द्वारा हॉस्पिटल के बिलों में अनिवार्य बीआईएस मानक बनाने के पक्ष में हैं। ज्यादातर लोग बिलिंग सिस्टम और अस्पताल के बिलों के डिटेल्स की कमी से खुश नहीं थे। इस सर्वे में देश के 305 जिलों से लगभग 23,000 नागरिक शामिल हुए थे। रिपोर्ट के अनुसार, कोविड महामारी के तीन साल में हॉस्पिटल के सामने कई तरह की समस्याएं आईं। बिना किसी डिटेल्स के इलाज के बाद भारी-भरकम बिल थमाए गए।
