24 Hours Electricity Supply: केंद्रीय बिजली और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री आर के सिंह ने बृहस्पतिवार को कहा कि अनावश्यक रूप से बिजली कटौती के लिये कंपनियों को दंडित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बिजली कटौती देश के लोगों का अपमान है।सिंह ने समीक्षा बैठक में बिजली कटौती को अतीत की बात बनाने की बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि बिल के स्तर पर दक्षता बढ़ी है लेकिन बिल संग्रह के मामले में यह 92.7 प्रतिशत अटका हुआ है।
बिजली कटौती पर होगी सख्ती
कब देना होगा जुर्माना
उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को 24 घंटे बिजली पाने का अधिकार है और अगर कोई अनावश्यक कटौती होती है तो जुर्माना लगाया जाना चाहिए और मुआवजा दिया जाना चाहिए। यह भी कहा कि बिल के स्तर पर दक्षता बढ़ी है लेकिन बिल संग्रह के मामले में यह 92.7 प्रतिशत अटका हुआ है।सिंह ने राज्यों से कहा कि वे बिजली क्षेत्र की व्यवहार्यता सुनिश्चित करने के लिए कानून और विभिन्न नियमों का पालन करें। अन्यथा उन्हें केंद्र से कोई बिजली नहीं मिलेगी। उन्हें पीएफसी या आरईसी से कोई कर्ज मिलना भी मुश्किल होगा।
24 घंटे बिजली पाने का अधिकार
केंद्र और राज्यों के शीर्ष बिजली और ऊर्जा अधिकारियों तथा सार्वजनिक क्षेत्र की बिजली वितरण कंपनियों के प्रमुखों की दो दिवसीय समीक्षा में सिंह ने कहा कि एक विकसित देश में कोई बिजली कटौती नहीं है। हर वितरण कंपनियों के पास बिजली खरीदने के लिए पैसा है, लोगों की अधिकारों का सम्मान किया जाता है और बिजली में व्यवधान 20-25 साल में एक बार होता है। इसलिए, बिजली कटौती पर जुर्माना लगाया जाएगा। बिजली कटौती लोगों का अपमान है।उन्होंने वितरण कंपनियों को क्षमता बढ़ाने, बिजली खरीद समझौते (पपीपीए) पर हस्ताक्षर करने, पर्याप्त संसाधन सुनिश्चित करने और अधिक कुशल बनने के लिए कहा।
