ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खबर है। अगर आप ट्रेन यात्रा के दौरान मोबाइल पर रील या वीडियो हाई वॉल्यम में चलाते हैं तो सावधान हो जाएं। रेलवे ने मोबाइल फोन पर स्पीकर मोड में संगीत सुनने या वीडियो देखने से दूसरे यात्रियों को परेशानी को देखते हुए सख्त कदम उठाया है। रेलवे ने यात्रियों को चेतावनी दी है कि ऐसा करने पर 1,000 रुपये का जुर्माना लग सकता है और संबंधित व्यक्ति को कोच सहित रेलवे परिसर से बाहर निकाला जा सकता है। अगर कोई व्यक्ति फिर भी ऐसा करना जारी रखता है, तो उसे 6 महीने तक की जेल और 5,000 रुपये तक का जुर्माना भी हो सकता है।
रेलवे नियम
बता दें कि सदर्न रेलवे ने 'जन विश्वास अधिनियम' के तहत संशोधित 'रेलवे अधिनियम' की धारा 142 को लागू किया है, ताकि उपद्रव या परेशानी पैदा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके। अधिकारियों ने बताया कि अन्य रेलवे जोन और यहां तक कि मेट्रो सिस्टम भी इस प्रावधान का इस्तेमाल ऐसे व्यवहार को रोकने के लिए कर सकते हैं, जिससे दूसरे यात्रियों की सुविधा पर बुरा असर पड़ता है। कानून के अनुसार, मेट्रो रेल में उपद्रव करने पर जुर्माना लग सकता है और ऐसे लोगों को कोच से बाहर भी निकाला जा सकता है। 'भारतीय न्याय संहिता' (BNS) की धारा 270 के तहत 'सार्वजनिक उपद्रव' (public nuisance) को एक ऐसे कृत्य के रूप में परिभाषित किया गया है, जिससे सार्वजनिक अधिकारों का उपयोग करने वाले लोगों को नुकसान, खतरा, रुकावट या परेशानी होती है, और इसलिए, यह एक अपराध माना जाता है।
रेलवे ने जारी किया सर्कुलर
इस महीने अपने सभी डिवीजनों को जारी किए गए और रेलवे बोर्ड को भेजे गए एक सर्कुलर में, सदर्न रेलवे ने रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों के अंदर यात्रियों द्वारा स्पीकर पर संगीत या ऑडियो बजाने की समस्या की ओर ध्यान दिलाया है और इसे एक "परेशानी" (न्यूसेंस) बताया है।
इस सर्कुलर में जुलाई 2012 में जारी रेलवे बोर्ड के एक निर्देश का भी जिक्र किया गया है, जो मोबाइल फोन के इस्तेमाल से जुड़ा है। बोर्ड ने कोच के अंदर "जोर-जोर से बात करने, लंबी बातचीत करने" और आपत्तिजनक रिंगटोन बजने जैसी समस्याओं की ओर ध्यान दिलाया था, और सभी जोन से कहा था कि वे लोगों को ऐसी हरकतों के खिलाफ जागरूक करें।
मोबाइल का इस्तेमाल काफी बढ़ा
सदर्न ज़ोन की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि हाल के दिनों में, मोबाइल इंटरनेट की व्यापक उपलब्धता के कारण, सार्वजनिक जगहों पर स्पीकर मोड में वीडियो और अन्य कंटेंट चलाना काफी आम हो गया है। मौजूदा हालात को देखते हुए, यह सुनिश्चित करने के लिए तुरंत कदम उठाने की ज़रूरत है कि यात्रा करने वाले यात्रियों को कोई परेशानी न हो।
जोन ने अपने डिवीजनों को निर्देश दिया है कि वे यात्रियों को संबंधित कानूनी प्रावधानों के बारे में बताएं। साथ ही, उन्हें यात्रा के दौरान या रेलवे परिसर में स्पीकर मोड पर संगीत या वीडियो चलाने, और जोर-जोर से बातचीत करने से रोकें। क्षेत्रीय भाषाओं, हिंदी और अंग्रेजी में 'पब्लिक एड्रेस सिस्टम' (घोषणा प्रणाली) के जरिए जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। इसमें यह भी कहा गया है कि टिकट परीक्षक और कमर्शियल विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी नियमों का उल्लंघन करने वालों पर 1,000 रुपये का जुर्माना लगा सकते हैं।
