Train Reservation Chart: भारत में हर रोज करोड़ों लोग ट्रेन से सफर करते हैं। ट्रेन से सफर बजट फ्रेंडली होने के साथ-साथ आरामदायक भी है। हालांकि, जल्दीबाजी में ट्रेन में कंफर्म सीट मिलना मुश्किल है, इसलिए लोग अपनी यात्रा की तारीख से काफी पहले ही टिकटों की बुकिंग कर लेते हैं। लेकिन कई बार हमें अचानक सफर करना पड़ जाता है। ऐसे में कंफर्म सीट नहीं होने के चलते मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। कई बार हमारा टिकट वेटिंग में रहता है। इसलिए ट्रेन के रिजर्वेशन चार्ट का हम इंतजार करते हैं।
दो रिजर्वेशन चार्ट
आमतौर पर किसी भी रिजर्वेशन वाली ट्रेन का दो चार्ट बनता है। पहला चार्ट ट्रेन के खुलने से चार घंटे पहले बनता है। सुबह की ट्रेनों का चार्ट एक रात पहले तैयार किया जाता है। अगर पहले चार्ट में सीटें खाली रह जाती हैं, तो शेष सीटें बुकिंग के लिए उपलब्ध करा दी जाती हैं।
फाइनल चार्ट
ट्रेन के प्रस्थान होने से 30 मिनट पहले फाइनल चार्ट बनाया जाता है। कुछ वेटिंग लिस्ट की टिकटें कन्फर्म हो जाती हैं। सभी यात्रियों को बर्थ और कोच नंबर दिया जाता है, जिनका फाइनल स्टेटस कन्फर्म या आरएसी होती है।
अगर फाइनल चार्ट के बाद भी टिकट वेटिंग में ही रह जाता है, तो वह ऑटोमैटिक रूप से कैंसिल हो जाता है और पैसा आपके खाते में वापस आ जाता है। अगर कोई आखिरी समय में टिकट कैंसिल करवाता है, तो खाली सीटें दूसरे चार्ट यानी जो ट्रेन खुलने के 30 मिनट पहले तैयार होता है।
करेंट रिजर्वेशन सिस्टम
चार्ट तैयार होने के बाद भी कुछ सीटें खाली रह जाती हैं तो उन्हें करेंट रिजर्वेशन सिस्टम के तहत बुक किया जा सकता है। यह सुविधा केवल प्रारंभिक स्टेशन के टिकट काउंटर पर ही उपलब्ध होता है।
