आम क्यों बना ग्राहक से लेकर FSSAI तक के लिए सिरदर्द, कैसे खराब हो रहा आम आदमी का स्वाद

  • Edited by: Rohit Ojha
  • Updated Jun 9, 2024, 04:43 PM IST

Adulterated Mangoes: इसी मौसम में आम पकते हैं और बाजार में बिकते हैं। लेकिन आज के समय में आम भी खाना खतरे से खाली नहीं है, क्योंकि मार्केट में प्रतिबंधित केमिकल से पकाए गए आम बिक रहे हैं। यह प्राकृतिक रूप से पकाने की तुलना में विक्रेताओं के लिए यह तेज और मुनाफे वाला ऑप्शन है।

Adulterated Mangoes: भारत के लोगों को आम से बेहद लगाव है। गर्मी के मौसम में लोग जमकर आम खाते हैं, क्योंकि इसी मौसम में आम पकते हैं और बाजार में बिकते हैं। लेकिन आज के समय में आम भी खाना खतरे से खाली नहीं है, क्योंकि मार्केट में प्रतिबंधित केमिकल से पकाए गए आम बिक रहे हैं। मई में भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने कोयंबटूर में फलों की दुकानों से 12.91 लाख रुपये मूल्य के 16.1 टन आम जब्त किए, क्योंकि आम को एथिलीन पाउच का उपयोग करके गलत तरीके से पकाया गया था। मार्च में हैदराबाद में अधिकारियों ने आर्टिफिशियल रूप से पकाए गए और FSSAI के मानदंडों का उल्लंघन करने के लिए 3,860 किलोग्राम आम जब्त किए थे।

Adulterated Mangoes

कैल्शियम कार्बाइड

यह सब तब हुआ है जब खाद्य नियामक हर साल व्यापारियों और खाद्य व्यापार संचालकों को फलों को पकाने के लिए कैल्शियम कार्बाइड, जो एक प्रतिबंधित उत्पाद है, का उपयोग नहीं करने की चेतावनी देती है। FSSAI फलों को पकाने के लिए एथिलीन गैस के इस्तेमाल की अनुमति देती है। इसके इस्तेमाल को लेकर भी गाइड बुक जारी की गई है।

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