Health Insurance Portability : आज कल बदलती लाइफस्टाइल में हेल्थ पॉलिसी लेना हर किसी के लिए बेहद जरूरी हो गया है लेकिन अक्सर हम हेल्थ पॉलिसी लेते समय बहुत सी बातों को नजरअंदाज कर देते हैं। इसका खामियाजा हमें पॉलिसी क्लेम के वक्त उठाना पड़ता है। यदि आप भी अपनी हेल्थ पॉलिसी में भरने वाले प्रीमियम से परेशान हैं या पॉलिसी क्लेम करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है तो हम आपको हेल्थ पॉलिसी पोर्ट करने के आसान तरीका बताने जा रहे हैं। हेल्थ इंश्योरेंस पोर्टेविलिटी के जरिए हम अपनी पॉलिसी को एक कंपनी से दूसरी कंपनी में आसानी से स्विच कर सकते हैं। जिसके लिए आपको कोई चार्ज भी नहीं देना होता। इस बेहद आसान तरीके से आप अपनी हेल्थ पॉलिसी को मोबाइल नंबर की तरह किसी भी अन्य कंपनी में स्विच कर सकते हैं।
पॉलिसी रिन्यू कराते समय करें पोर्ट—
आपको बता दें कि सभी तरह की हेल्थ पॉलिसी को पोर्ट करना संभव नहीं है। आप किसी जनरल और स्पेशलाइज्ड इंश्योरेंस कंपनी की पॉलिसी को ही किसी और जनरल और स्पेशलाइज्ड पॉलिसी में पोर्ट कर सकते हैं। पॉलिसीहोल्डर रीम्बर्समेंट हेल्थ प्लान ( Reimbursement Health Plan) को ही दूसरे रीम्बर्समेंट प्लान में या फिर किसी एक टॉप अप प्लान को दूसरे टॉप अप प्लान में पोर्ट कर सकता है। लेकिन आप अपनी हैल्थ पॉलिसी को पॉलिसी के टाइम में पोर्ट नहीं कर सकते हैं। इसलिए ध्यान रखें कि जब आप अपनी किसी और कंपनी में पोर्ट करना चाहें तो ये काम आप पॉलिसी रिन्यू के समय ही कर लें। आप फैमिली और इंडिविजुअल दोनों ही तरह की हेल्थ पॉलिसी को पोर्ट करा सकते हैं।
इंश्योरेंस पोर्टेबिलिटी का क्या है प्रोसेस—
- सबसे पहले आपको नई इंश्योरेंस कंपनी में पॉलिसी रिन्यूअल से 45 दिन पहले अप्लाई करना होता है।
- उसके बाद नई कंपनी की तरफ से आपको प्रपोजल और पोर्टेबलिटी फॉर्म भेजा जाएगा। जिसमें आपको पॉलिसी होल्डर का नाम, फोन नंबर, ई-मेल आदि डिटेल भरना होती हैं।
- जिसके बाद नई इंश्योरेंस कंपनी आपकी मौजूदा हेल्थ पॉलिसी कंपनी से संपर्क करती है।
- यदि आई.आर.डी.ए.आई. के कॉमन डेटा शेयरिंग पोर्टल पर आपकी पॉलिसी के बारे में पूरी जानकारी नहीं मिलती है तो आपके हेल्थ इंश्योरेंस पोर्टेबिलिटी को होल्ड पर रखा जा सकता है।
- अगर नई इंश्योरेंस कंपनी को आपकी पॉलिसी के जरूरी डॉक्यूमेंट्स मिल जाती है तो अगले 15 दिन के अंदर आपको हेल्थ इंश्योरेंस पोर्टेबिलिटी रिक्वेस्ट के एक्सेप्ट होने या रिजेक्ट होने की जानकारी दे दी जाती है।
हेल्थ इंश्योरेंस पोर्ट कराने के फायदे—
जल्दबाजी में ली गई पॉलिसी यदि आपकी जरूरतों के मुताबिक अब नहीं है तो इंश्योरेंस पोर्टेबिलिटी से पॉलिसी होल्डर को अपनी बदलती जरूरतों के हिसाब से पॉलिसी चुनने का मौका मिल पाता है जो उसे अच्छा कवर और बेनिफिट देती हो।
