Employees Provident Fund Organisation: रिटायरमेंट के बाद जीवन में वित्तीय चुनौतियां बढ़ जाती हैं। ऐसा न हो इसके लिए ही भारत सरकार द्वारा पेंशन का प्रावधान किया गया है। हर महीने 15,000 रुपये से अधिक कमाई करने वाले कर्मचारी चाहें तो PF खाते का विकल्प चुन सकते हैं। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (Employees Provident Fund Organisation) द्वारा PF खाते की देखरेख की जाती है। जितने अधिक पैसे PF खाते में जमा होते हैं उतनी ही ज्यादा पेंशन किसी व्यक्ति को रिटायरमेंट के बाद मिलती है। अब खबर आ रही है कि श्रम मंत्रालय जल्द ही PF खाते में जमा किये जाने वाले कंट्रीब्यूशन की सीमा को बढ़ा सकता है। फिलहाल हर महीने किसी भी कर्मचारी की कमाई का 12% हिस्सा PF के रूप में काटा जाता है।
PF अकाउंट की बढ़ सकती है लिमिट, कर्मचारियों को मिल सकती है ज्यादा पेंशन
श्रम मंत्रालय कर रहा विचार
NDTV प्रॉफिट में छपी एक खबर के अनुसार श्रम मंत्रालय कर्मचारियों को अधिक पेंशन प्राप्ति के लिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (Employees Provident Fund Organisation) के PF अकाउंट में किए जाने वाले अंशदान को बढ़ाने की अनुमति दे सकता है। इसके लिए मंत्रालय द्वारा कर्मचारी पेंशन योजना 1995 में सुधार करने के बारे में विचार किया जा रहा है। रिपोर्ट में आधिकारिक सूत्र के हवाले से कहा गया है कि अधिक पेंशन प्राप्त करने के लिए कर्मचारियों को अधिक कंट्रीब्यूशन देना होगा और फिलहाल श्रम मंत्रालय द्वारा इन विकल्पों पर विचार भी किया जा रहा है।
कितना पैसा कहां जाता है?
अधिकतर लोगों को यही लगता है कि बेसिक सैलरी का पूरा 12% हिस्सा उनके PF खाते में ही जमा किया जाता है, लेकिन ऐसा नहीं है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जितना योगदान कर्मचारी अपनी कमाई से करता है उतना ही योगदान उसकी कंपनी द्वारा भी किया जाता है। बेसिक सैलरी के 12% हिस्से में से 8.67% हिस्सा कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) खाते में जमा किया जाता है जबकि बाकी बचा 3.33% हिस्सा ही PF खाते में जमा होता है।
