Employees Provident Fund Organisation: EPFO द्वारा PF खाते के साथ-साथ EPS अकाउंट यानी पेंशन खाते की देखरेख भी की जाती है। संगठन के सभी सदस्य कर्मचारियों को सुविधापूर्ण तरीके से उनकी पेंशन मिल सके इसके लिए अक्सर नियमों में जरूरी बदलाव किये जाते हैं। अब हाल ही में EPFO ने पेंशन खाते से जुड़े नियमों में बदलाव की जानकारी दी है। EPFO द्वारा जॉइंट डिक्लेरेशन की प्रक्रिया को आसान बनाने, सेंट्रलाइज्ड पेंशन पेमेंट सिस्टम को अपनाने, ऑनलाइन प्रोफाइल अपडेट करने के नियमों और PF अकाउंट के ट्रान्सफर से संबंधित आवश्यक बदलाव किये गए हैं।
EPFO अब तक बदल चुका है पेंशन और PF खाते के ये नियम
देश में कहीं से भी निकालें पेंशन
1 जनवरी 2025 को EPFO द्वारा केंद्रीकृत पेंशन पेमेंट सिस्टम (CPPS) लागू किया जा चुका है। EPFO द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार देश भर के विभिन्न क्षेत्रीय कार्यालयों में इस सिस्टम को अपनाया जा चुका है। CPPS के आने के बाद पेंशनर्स देश के किसी भी क्षेत्र में मौजूद बैंक और ब्रांच से पेंशन के पैसे निकाल सकते हैं। इस सिस्टम के लागू होने का सबसे बड़ा फायदा उन लोगों को होगा जो रिटायरमेंट के बाद अपने गांव या क्षेत्र में लौट जाते हैं।
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मिल सकती है ज्यादा पेंशन
नवंबर 2022 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा सुनाये गए फैसले के बाद EPFO द्वारा आने सदस्य कर्मचारियों के लिए अधिक पेंशन प्राप्त करने के संबंध में नई गाइडलाइन्स जारी की गई हैं। नई गाइडलाइन्स के मुताबिक 31 जनवरी 2025 तक का समय कर्मचारियों और उनके एम्प्लॉयर्स को दिया गया है और इस दौरान वो ऑनलाइन EPFO के पोर्टल पर जाकर अधिक पेंशन प्राप्त करने के दावे की जांच करेगा।
घर से अपडेट करें जानकारी
EPFO द्वारा अब ऑनलाइन प्रोफाइल में बदलाव करने की सुविधा भी पेंशनर्स को दी गई है। हालांकि इस सुविधा का फायदा केवल वही लोग उठा पाएंगे जिनका UAN नंबर उनके आधार कार्ड के साथ वेरीफाई किया जा चुका है। इस सुविधा का फायदा का उठाकर संगठन के सदस्य अपना नाम, जन्मतिथि, जीवनसाथी का नाम, काम करने वाली जगह की जानकारी को खुद ही घर बैठे ऑनलाइन बदल सकते हैं।
जॉइंट डिक्लेरेशन होगा और आसान
अन्य नियमों के साथ ही EPFO द्वारा जॉइंट डिक्लेरेशन की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए भी महत्त्वपूर्ण बदलाव किये गये हैं। संगठन की तरफ से नई गाइडलाइन्स जारी की गई हैं। ये नई गाइडलाइन्स जल्द ही SOP 3.0 की जगह लेंगी। नई गाइडलाइन्स में संगठन के सदस्य कर्मचारियों के लिए डॉक्यूमेंट जमा करवाने के तरीके में बदलाव, नए क्लासिफिकेशन के तरीके और दावेदारों के लिए अपडेटेड नियमों जैसे महत्त्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। ध्यान रहे, जॉइंट डिक्लेरेशन के लिए ऑनलाइन वही सदस्य आवेदन कर पाएंगे जिनका UAN आधार के साथ वैलिडेट किया जा चुका है।
PF खाते का ट्रान्सफर होगा और आसान
PF अकाउंट को ट्रान्सफर करने के नियमों में भी जरूरी बदलाव किया जा चुका है। पहले जितनी बार भी कोई सदस्य कर्मचारी नौकरी बदलता उसे अपना PF अकाउंट ट्रान्सफर करवाना पड़ता था। लेकिन अब ऐसा नहीं है। अब कोई व्यक्ति कितनी भी बार नौकरी बदले उसका PF खाता अपने आप ट्रान्सफर हो जाएगा। जैसे ही कर्मचारी अपने UAN को अपने नए एम्पलॉयर के साथ जोड़ेंगे उनके PF खाते के ट्रान्सफर की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। पहले की तरह मैन्युअल तरीके से PF खाता ट्रान्सफर करवाने के लिए रिक्वेस्ट नहीं करनी होगी।
