अब घर सिर्फ रहने की जगह नहीं रह गए हैं। भारत के युवा, खासकर Gen Z, अपने घर के खाली हिस्सों को यात्रियों के लिए हॉलीडे स्टे में बदलकर कमाई का नया रास्ता तलाश रहे हैं। यानी जिस कमरे, फ्लोर या घर का इस्तेमाल लंबे समय से नहीं हो रहा था, उसे अब कुछ युवा मेहमानों के लिए किराये पर दे रहे हैं।
भारत में ट्रैवल का नया ट्रेंड: जानिए क्यों अपने आशियाने को हॉलिडे स्टे बना रही Gen Z
इस ट्रेंड की रफ्तार का अंदाजा Airbnb के आंकड़ों से लगाया जा सकता है। कंपनी के मुताबिक, 2026 की पहली छमाही में भारत में उसके Gen Z होस्ट कम्युनिटी में सालाना आधार पर करीब 40 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। इस दौरान प्लेटफॉर्म से जुड़ने वाले नए होस्ट्स में करीब दो-पांचवां हिस्सा 18 से 29 साल की उम्र के युवाओं का था।
सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं है ट्रेंड
दिलचस्प बात यह है कि युवा सिर्फ दिल्ली, मुंबई या बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों में ही अपने घरों को होम-स्टे नहीं बना रहे। यह ट्रेंड छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों तक भी पहुंच रहा है। Airbnb के आंकड़ों के मुताबिक, 2026 की पहली छमाही में भारत के ग्रामीण इलाकों में Gen Z होस्ट्स की संख्या करीब 60 फीसदी बढ़ी। वहीं कम आबादी वाले शहरी इलाकों में यह बढ़ोतरी लगभग 70 फीसदी रही।
बड़े शहरों की बात करें तो बेंगलुरु, दिल्ली, गुरुग्राम, इंदौर, मुंबई और नोएडा में युवा होस्ट्स की संख्या तेजी से बढ़ी है। इनमें इंदौर खास तौर पर चर्चा में है, जहां Gen Z होस्ट कम्युनिटी में सालाना आधार पर 120 फीसदी से ज्यादा की वृद्धि दर्ज की गई। देहरादून, गुवाहाटी, हैदराबाद, कोच्चि, लखनऊ और मथुरा जैसे शहरों में भी युवा इस मॉडल से जुड़ रहे हैं।
इस ट्रेंड के पीछे सिर्फ पैसे कमाने की चाह नहीं है। कई युवाओं के लिए यह अपने शहर, संस्कृति और जीवनशैली को दूसरे लोगों के साथ शेयर करने का तरीका भी है।
युवाओं की कमाई भी बढ़ी
युवा भारतीयों के लिए इस मॉडल का एक बड़ा आकर्षण कमाई है। Airbnb के अनुसार, 2026 की पहली छमाही में भारत में Gen Z होस्ट्स की कमाई में सालाना आधार पर 60 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई। हालांकि कमाई जगह, घर के प्रकार और बुकिंग जैसे कई फैक्टर्स पर निर्भर करती है। इसके बावजूद एक और दिलचस्प आंकड़ा सामने आया है। करीब सात में से एक Gen Z होस्ट ने Airbnb का सुपरहोस्ट स्टेटस हासिल किया है। यानी मेहमानों को अच्छी हॉस्पिटैलिटी देने वाले युवा सिर्फ संख्या में नहीं बढ़ रहे, बल्कि उनकी होस्टिंग क्वालिटी भी बनी हुई है।
बदल रहा है छुट्टियां मनाने का तरीका
युवा होस्ट्स की बढ़ती संख्या यात्रियों के लिए भी अच्छी खबर है। इसका मतलब है कि अब घूमने के लिए सिर्फ बड़े होटल या रिजॉर्ट ही विकल्प नहीं रहेंगे। छोटे शहरों, कस्बों और गांवों में भी ऐसे घर मिल सकते हैं जहां रुककर लोग उस जगह को ज्यादा करीब से समझ सकें।
कुल मिलाकर Gen Z अब ट्रैवल इकोनॉमी का हिस्सा भी बन रही है। खाली पड़े घर के एक हिस्से को कमाई के जरिये में बदलने से लेकर अपने शहर के लोकल कल्चर को यात्रियों तक पहुंचाने तक, यह ट्रेंड आने वाले समय में भारत के हॉलिडे स्टे का तरीका काफी हद तक बदल सकता है।
