Summer destinations in India: इस बार समर वेकेशन में आपका कहां जाने का प्लान है ? अगर आपने कुछ प्लान नहीं किया है या फिर जगह का फैसला नहीं हो पा रहा है तो हम हेल्प कर देते हैं। यहां हम आपको ऐसे हिल स्टेशन के बारे में बता रहे हैं जहां पहुंचना बहुत आसान है, जो बजट में आ जाएगा, जो महाभारत काल से जुड़ा है और जिस पर्यटक सतपुड़ा की रानी के नाम से भी जानते हैं। हम बात कर रहे हैं पंचमढ़ी की।
गर्मियों की सैर के लिए ये जगह है बेस्ट
मध्य प्रदेश राज्य के होशंगाबाद जिले में स्थित पचमढ़ी एक बेहद ही खूबसूरत हिल स्टेशन है। सतपुड़ा पर्वत माला पर बसे इस शानदार टूरिस्ट स्पॉट को सतपुड़ा की रानी उपनाम से भी जाना जाता है। समुद्रतल से लगभग 1100 मीटर की ऊंचाई पर बसा पंचमढ़ी मध्य प्रदेश का सबसे ऊंचा पर्यटन स्थल है। सिंध व सतपुड़ा की पहाड़ियों से घिरे इस स्थान की सुंदरता भारी संख्या में पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है।
पचमढ़ी का मौसम
पचमढ़ी का तापमान सर्दी के मौसम में तापमान 4.5 डिग्रीसेल्सियस से लेकर गर्मी के मौसम में 35 डिग्री सेल्सियस तक रहता है। साल भर सामान्य रहने वाले तापमान के कारण पर्यटक यहां साल भर घूमने आते हैं। इसलिए इसे मध्य प्रदेश का एकमात्र ऐसा पर्यटन केन्द्र माना जाता है जहां साल के किसी भी महीने में घूमने जाया जा सकता है। यदि आप जंगली जानवरों को देखने का शौक रखते हैं तो गौर, तेंदुआ, भालू, भैंसा तथा अन्य जंगली जानवर बड़ी ही सहजता से देखने को मिल जाएंगे।
पचमढ़ी की कहानी
ऐसे तो पचमढ़ी नाम दो शब्दों से मिलकर बना है पंच+मढ़ी जिसका अर्थ हैं पंच= पांच और मढ़ी= गुफा। जिसके पीछे एक मान्यता है कि यहां 5 गुफाएं स्थित हैं जिनका निर्माण महाभारत काल में 5 पांडवों ने अपने वनवास के दौरान किया था। ये सभी गुफाएं पर्वत के एक ऊंचे शिखर पर मौजूद हैं।
पचमढ़ी के दर्शनीय स्थल
1. जटाशंकर
जटाशंकर एक बेहद पवित्र गुफा है जो पंचमढ़ी कस्बे से 1.5किमी दूर स्थित है। जहां पहुंचने के लिए आपको पैदल चलना पड़ता है। इस गुफा में प्राकृतिक रूप से बना शिवलिंग भी विराजमान है। और इसके पास स्थित एक मंदिर में एक ही शिला से निर्मित हनुमान जी की एक प्राचीन प्रतिमा भी स्थित है।
2.पांडव गुफा
यहां प्राचीन कालीन 5 गुफाएं हैं, जिन्हें पौराणिक मान्यताओं के अनुसार महाभारत काल का माना जाता है। इस गुफाओं के पास एक बेहद खूबसूरत गार्डन भी है। इस प्राचीन 5 गुफाओं को राष्ट्रीय स्मारक घोषित कर दिया गया है।
3.राजेंद्र गिरी
इस पहाड़ी का नाम भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के नाम पर रखा गया है। क्योंकि राष्ट्रपति होने के बाद राजेंद्र प्रसाद एक बार यहां आकर रुके थे। यहां उनके लिए रविशंकर भवन बनवाया गया था। इस शानदार भवन के चारों तरफ प्रकृति की सुंदरता फैली हुई है।
4. खूबसूरत वॉटरफाल
पचमढ़ी में स्थित रजत जल प्रपात 350 फुट ऊंचाई से गिरने वाला एक बेहद खूबसूरत वॉटरफाल है। इतनी ऊंचाई से गिरता हुआ जल एकदम दूधिया चांदनी की तरह दिखाई पड़ता है।
पचमढ़ी कैसे पहुंचा जा सकता है
पचमढ़ी सड़क मार्ग से भोपाल और इंदौर जैसे प्रमुख शहरों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। पंचमढ़ी के सबसे निकट रेलवे स्टेशन पिपरिया रेलवे स्टेशन है जो यहां से लगभग 50किमी दूर है। इसके साथ ही हवाई मार्ग से आने के लिए भोपाल और नागपुर हवाई अड्डे यहां सबसे निकट हैं।
