दशहरा बीतते ही उत्तर भारत की आबोहवा में गुलाबी ठंड की सुहानी दस्तक होने लगती है। इसके साथ ही हवा में घुलने लगती है त्योहारी उमंग। दीपावली की तैयारी, जगमगाते बाजार और छुट्टियों का खुशनुमा माहौल दिल जीत लेते हैं। दिल्ली-एनसीआर की व्यस्त और भागदौड़ भरी जिंदगी से ब्रेक लेने के लिए दशहरा और दिवाली के बीच का यह समय एकदम मुफीद होता है। मौसम न तो बहुत गर्म होता है और न ही बहुत ठंडा।
अगर आप भी दिवाली से पहले इन सुहावने दिनों में कहीं वीकेंड गेटवे या छोटी ट्रिप प्लान कर रहे हैं, तो दिल्ली से कुछ ही घंटों की दूरी पर मौजूद ये खूबसूरत जगहें आपकी छुट्टियों में चार चांद लगा सकती हैं:
जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क, उत्तराखंड (दूरी: 240 किमी)
प्रकृति और वाइल्डलाइफ प्रेमियों के लिए दशहरा और दिवाली के बीच का समय जिम कॉर्बेट जाने का सबसे शानदार समय होता है। मानसून के बाद अक्टूबर में नेशनल पार्क के सभी मुख्य सफारी जोन दोबारा खुल जाते हैं। हरी-भरी वादियों, ढिकला के घने जंगलों और रामगंगा नदी के किनारे का माहौल इस समय बेहद शांत और तरोताजा करने वाला होता है। तड़के सुबह की जंगल सफारी में रॉयल बंगाल टाइगर देखने का रोमांच अलग ही होता है।
जयपुर और आमेर, राजस्थान (दूरी: 280 किमी)
गुलाबी नगरी जयपुर का असली जादू शरद ऋतु में ही देखने को मिलता है। इस दौरान शहर का तापमान बेहद आरामदायक हो जाता है। आमेर का किला, हवा महल, नाहरगढ़ की पहाड़ियों से डूबता हुआ सूरज और जल महल की खूबसूरती देखने लायक होती है। इसके अलावा, दिवाली से ठीक पहले जयपुर के बाजारों की सजावट और हस्तशिल्प की खरीदारी आपकी यात्रा को और खास बना देगी।
लैंसडाउन, उत्तराखंड (दूरी: 250 किमी)
अगर आप भीड़भाड़ से दूर किसी शांत और औपनिवेशिक मिजाज वाले हिल स्टेशन की तलाश में हैं, तो लैंसडाउन सबसे बेहतरीन विकल्प है। चीड़ और देवदार के घने जंगलों से घिरा यह छोटा सा छावनी शहर टिप-इन-टॉप व्यू पॉइंट, भुल्ला ताल झील और ऐतिहासिक चर्चों के लिए जाना जाता है। यहाँ की ठंडी और ताजा हवा में बिताया गया एक सप्ताहांत आपके मन को पूरी तरह रीचार्ज कर देगा।
ऋषिकेश और मसूरी, उत्तराखंड (दूरी: 240-290 किमी)
एडवेंचर और अध्यात्म के अनोखे संगम ऋषिकेश में इस मौसम में गंगा आरती का अनुभव अलौकिक होता है। रिवर राफ्टिंग, बंजी जंपिंग और क्लिफ जंपिंग के शौकीनों के लिए यह एकदम सही वक्त है। वहीं अगर आप थोड़ा और आगे पहाड़ों की रानी मसूरी की तरफ बढ़ें, तो मल्ल रोड की चहल-पहल और केम्प्टी फॉल का सुहाना मौसम आपका दिल जीत लेगा।
आगरा और फतेहपुर सीकरी (दूरी: 230 किमी)
यमुना एक्सप्रेसवे के जरिए महज 3 से 4 घंटे में पहुंचने योग्य आगरा इस मौसम में घूमने के लिए बेहद लोकप्रिय है। हल्की ठंडक के बीच ताज महल की संगमरमरी खूबसूरती को निहारना और फतेहपुर सीकरी की बुलंद वास्तुकला को करीब से देखना बेहद लुभावना लगता है।
दशहरा और दिवाली के बीच का यह सुहाना मौसम साल में बार-बार नहीं आता। तो देर किस बात की? अपनी गाड़ियां उठाइए, बैकपैक तैयार कीजिए और निकल पड़िए इन हसीन वादियों का लुत्फ उठाने।
