नवाबों से पहले लखनऊ पर था शेखजादों का असर, मच्छी भवन से जुड़ी है शहर की ये पुरानी कहानी

Lucknow History में नवाबों से पहले शेखजादों की अहम भूमिका रही। जानें मच्छी भवन, नादन महल, हुमायूं की मदद और लखनऊ की इस भूली-बिसरी विरासत की कहानी।

लखनऊ का नाम आते ही आंखों के सामने नवाबों का दौर घूमने लगता है। बड़ा इमामबाड़ा, रूमी दरवाजा, चिकनकारी, तहजीब और लजीज कबाब यही तस्वीर आज लखनऊ की पहचान बन चुकी है। लेकिन क्या आपको पता है कि नवाबों के आने से काफी पहले भी लखनऊ में एक ऐसा परिवार था, जिसका शहर की शुरुआती कहानी में बड़ा योगदान रहा? यह कहानी है शेखजादों की- एक ऐसा समुदाय, जिसने लखनऊ के शुरुआती दौर में प्रशासन संभाला, किले बनवाए और मुगल शासन के साथ अपने रिश्ते मजबूत किए। आज उनके दौर की बहुत सी निशानियां मिट चुकी हैं, लेकिन कुछ जगहें आज भी आपको उस पुराने लखनऊ की कहानी सुनाती हैं।

Lucknow History

नवाबों से पहले ऐसा था लखनऊ (फोटो: AI)

नवाबों से बहुत पहले लखनऊ में थे शेखजादे

लखनऊ की कहानी में शेखजादों का नाम काफी अहम है जो आपको जानना चाहिए। बताया जाता है कि 12वीं सदी के आसपास शेख आदम सेनानी यहां पहुंचे थे। वे मशहूर सूफी संत शेख अब्दुल कादिर जिलानी की परंपरा से जुड़े माने जाते हैं। समय के साथ इस परिवार का प्रभाव बढ़ता गया। मुगल काल में शेखजादों ने इलाके के प्रशासन और सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसी दौर में लखनऊ धीरे-धीरे एक महत्वपूर्ण राजनीतिक और प्रशासनिक केंद्र के रूप में उभरने लगा।

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