Dussehra Long Weekend 2026 Travel Destinations: दशहरे का पर्व सल 2026 में मंगलवार, 20 अक्टूबर को मनाया जाएगा। ऐसे में अगर आप सोमवार को ऑफिस से एक दिन की छुट्टी ले लें, तो शनिवार से मंगलवार तक लगातार चार दिन घूमने का मौका मिल सकता है। दिल्ली-NCR में रहने वालों के लिए यह छोटी ट्रिप प्लान करने का अच्छा समय है। पहाड़ों की ठंडी हवा, राजस्थान के ऐतिहासिक किले या किसी शांत झील के किनारे छुट्टी बिताना चाहते हैं, तो इन सात जगहों को अपनी ट्रैवल लिस्ट में शामिल कर सकते हैं।
अक्टूबर आते ही घूमने-फिरने का मौसम भी बदलने लगता है। उत्तर भारत में गर्मी कम होने लगती है। पहाड़ों पर सुबह और शाम हल्की ठंड महसूस होती है। यही वजह है कि इस समय कई लोग छोटी छुट्टियों का इंतजार करते हैं। खासकर वे लोग, जिन्हें ऑफिस या बच्चों के स्कूल की वजह से लंबी छुट्टी नहीं मिल पाती।
इस साल दशहरा लॉन्ग वीकेंड का अच्छा मौका लेकर आया है। 17 अक्टूबर को शनिवार, 18 अक्टूबर को रविवार और 20 अक्टूबर को मंगलवार के दिन दशहरा है। ऐसे में 19 अक्टूबर, सोमवार को छुट्टी लेने पर चार दिन का ब्रेक मिल सकता है। अगर आप दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद या गुरुग्राम में रहते हैं, तो आपके आसपास कई ऐसी जगहें हैं, जहां जाने के लिए फ्लाइट पकड़ने या हफ्तेभर की छुट्टी लेने की जरूरत नहीं है।
1. लैंसडाउन: भीड़भाड़ से दूर पहाड़ों के बीच बिताएं छुट्टी
अगर छुट्टी का मतलब आपके लिए सुबह देर तक सोना, बालकनी में बैठकर चाय पीना और पहाड़ों को निहारना है, तो लैंसडाउन अच्छा विकल्प हो सकता है। उत्तराखंड का यह छोटा हिल स्टेशन दिल्ली से लगभग 260 किलोमीटर दूर है।
यहां भुल्ला ताल, टिप-इन-टॉप और सेंट मैरी चर्च घूम सकते हैं। लैंसडाउन की खासियत यहां का शांत माहौल और चीड़ के पेड़ों से घिरी सड़कें हैं। दो रात रुकने का प्लान बनाएं। पहले दिन पहुंचकर आराम करें और अगले दिन आसपास की जगहें देखें।
2. ऋषिकेश: गंगा किनारे बिताएं सुकून भरे तीन दिन
अगर आप ऐसी जगह जाना चाहते हैं, जहां धार्मिक माहौल भी हो और एडवेंचर का मौका भी मिले, तो ऋषिकेश चुन सकते हैं। दिल्ली से करीब 230 किलोमीटर दूर यह शहर छोटी छुट्टी के लिए अच्छा विकल्प है।
सुबह गंगा किनारे टहलें। दिन में राम झूला क्षेत्र और आसपास के कैफे घूम सकते हैं। शाम को त्रिवेणी घाट की गंगा आरती देखें। अगर रोमांच पसंद है, तो स्थानीय अनुमति और मौसम के अनुसार रिवर राफ्टिंग की जानकारी भी ले सकते हैं।
ऋषिकेश में तीन दिन बिताने का फायदा यह है कि यहां घूमने के साथ आराम करने का भी समय मिल जाता है। चाहें तो वापसी में हरिद्वार के दर्शन भी कर सकते हैं।
3. जयपुर: शाही किले, रंगीन बाजार और राजस्थानी खाने का आनंद
दशहरा लॉन्ग वीकेंड पर पहाड़ों की बजाय किसी ऐतिहासिक शहर में घूमना चाहते हैं, तो जयपुर का प्लान बनाएं। दिल्ली से लगभग 270–300 किलोमीटर दूर जयपुर में तीन दिन आसानी से बिताए जा सकते हैं।
यहां आमेर किला, हवा महल, सिटी पैलेस और जंतर-मंतर प्रमुख आकर्षण हैं। लेकिन जयपुर का मजा केवल किले देखने में नहीं है। पुराने शहर की गलियों में घूमना, स्थानीय बाजारों में खरीदारी करना और दाल-बाटी-चूरमा जैसे राजस्थानी व्यंजनों का स्वाद लेना भी यात्रा का हिस्सा बनाएं।
अक्टूबर में यहां दिन के समय धूप हो सकती है। इसलिए किले और खुले पर्यटन स्थलों को सुबह के समय देखने का प्लान रखें।
4. भरतपुर: पक्षियों की दुनिया देखने का अच्छा मौका
अगर आप हर बार पहाड़ों या बड़े शहरों में घूमने जाते हैं, तो इस दशहरा वीकेंड पर कुछ अलग कर सकते हैं। राजस्थान का भरतपुर प्रकृति और पक्षियों में दिलचस्पी रखने वालों के लिए खास जगह है। दिल्ली से इसकी दूरी करीब 220 किलोमीटर है।
यहां केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान में साइकिल या पैदल घूमने का अनुभव काफी अलग होता है। रास्ते में तालाब, पेड़ और कई तरह के पक्षी दिखाई दे सकते हैं। बच्चों के साथ जा रहे हैं, तो उन्हें पक्षियों के बारे में जानने का भी मौका मिलेगा। हालांकि, प्रवासी पक्षियों की सबसे ज्यादा विविधता आमतौर पर सर्दियों में देखने को मिलती है।
भरतपुर में एक या दो दिन बिताए जा सकते हैं। चाहें तो यात्रा में डीग के महलों को भी शामिल कर सकते हैं।
5. नैनीताल: झील के किनारे बिताएं खूबसूरत शाम
अक्टूबर में नैनीताल घूमने का अपना मजा है। दिल्ली से करीब 310 किलोमीटर दूर इस हिल स्टेशन में सुबह और शाम ठंडक महसूस होने लगती है। झील के चारों ओर बसे घर, पहाड़ों पर छाई हरियाली और पानी में चलती रंग-बिरंगी नावें यहां की खूबसूरती बढ़ाती हैं।
नैनीताल में नैनी झील में बोटिंग कर सकते हैं। नैना देवी मंदिर में दर्शन करें और शाम को मॉल रोड पर टहलें। अगर चार दिन की छुट्टी है, तो भीमताल और सातताल भी घूम सकते हैं। ये दोनों जगहें नैनीताल से बहुत दूर नहीं हैं और झीलों के आसपास समय बिताने का अच्छा मौका देती हैं।
हालांकि, लॉन्ग वीकेंड पर नैनीताल में पर्यटकों की भीड़ हो सकती है। ऐसे में होटल और पार्किंग की जानकारी पहले ही ले लें।
6. मसूरी: परिवार के साथ पहाड़ों पर बिताएं तीन दिन
अगर परिवार के साथ पहाड़ों पर जाना चाहते हैं, तो मसूरी भी अच्छा विकल्प है। दिल्ली से इसकी दूरी लगभग 280–300 किलोमीटर है। यहां पहुंचने के बाद पहाड़ों के नजारों के साथ घूमने, खरीदारी करने और अच्छे कैफे में बैठने का मौका मिलता है।
मसूरी में मॉल रोड, गन हिल और लाल टिब्बा देख सकते हैं। अगर आपको शांत जगहें पसंद हैं, तो लंढौर की तरफ भी जाएं। यहां की पुरानी इमारतें, छोटे कैफे और पेड़ों से घिरे रास्ते मसूरी के व्यस्त बाजार से अलग अनुभव देते हैं।
चार दिन का ब्रेक है, तो मसूरी के साथ धनौल्टी को भी ट्रिप में शामिल कर सकते हैं। हालांकि, एक ही दिन में बहुत सारी जगहें देखने की कोशिश न करें। पहाड़ों पर सफर में अनुमान से ज्यादा समय लग सकता है।
7. अलवर: दिल्ली के पास किले, झील और जंगल की सैर
अगर आप लंबी ड्राइव नहीं करना चाहते, तो राजस्थान का अलवर चुन सकते हैं। दिल्ली से इसकी दूरी लगभग 160–180 किलोमीटर है। यहां राजस्थान की ऐतिहासिक विरासत के साथ अरावली की पहाड़ियों और झीलों के खूबसूरत नजारे देखने को मिलते हैं।
अलवर में सिटी पैलेस, बाला किला और सिलीसेढ़ झील घूम सकते हैं। अगर जंगल सफारी का शौक है, तो सरिस्का टाइगर रिजर्व की यात्रा भी प्लान कर सकते हैं। सफारी की बुकिंग, जोन और अक्टूबर में संचालन की स्थिति पहले जांच लें।
अलवर की खास बात यह है कि यहां दो दिन का ट्रिप भी बनाया जा सकता है। इसलिए अगर चार दिन बाहर नहीं रहना चाहते, तो यह जगह आपके लिए सही हो सकती है।
लॉन्ग वीकेंड पर घूमने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
त्योहार के दौरान लोकप्रिय पर्यटन स्थलों पर भीड़ बढ़ सकती है। ऐसे में आखिरी समय पर होटल बुक करने से बजट बिगड़ सकता है। कोशिश करें कि होटल और आने-जाने की व्यवस्था पहले ही तय कर लें।
