Facebook ने अपने प्लेटफॉर्म पर फर्जी और AI-जनरेटेड प्रोफाइल की बढ़ती संख्या से निपटने के लिए एक नया Facebook Verified फीचर लॉन्च किया है। इस फीचर के तहत अब आम यूजर्स भी बिना किसी शुल्क के Verified Badge प्राप्त कर सकेंगे, हालांकि इसके लिए उन्हें पहले एक सेल्फी वीडियो रिकॉर्ड करके यह साबित करना होगा कि उनका अकाउंट किसी वास्तविक व्यक्ति का है।
AI प्रोफाइल की बढ़ती चुनौती के बीच आया नया फीचर
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से आजकल नकली प्रोफाइल, वास्तविक दिखने वाली तस्वीरें और ऑटोमेटेड बातचीत तैयार करना पहले से कहीं आसान हो गया है। ऐसे में Facebook का कहना है कि नया Verified बैज यूजर्स को यह पहचानने में मदद करेगा कि वे किसी असली व्यक्ति से बात कर रहे हैं या AI से बने फर्जी अकाउंट से। कंपनी का मानना है कि इससे खासतौर पर उन जगहों पर भरोसा बढ़ेगा, जहां लोग अनजान लोगों से जुड़ते हैं।
कैसे मिलेगा Facebook Verified बैज?
अब तक Facebook का वेरिफिकेशन बैज मुख्य रूप से सार्वजनिक हस्तियों या पेड सब्सक्रिप्शन से जुड़ा हुआ था, लेकिन नया Facebook Verified फीचर आम यूजर्स के लिए बनाया गया है। इसके लिए पात्र यूजर्स को एक छोटा Selfie Video रिकॉर्ड करना होगा। Facebook इस वीडियो की तुलना प्रोफाइल पर पहले से मौजूद तस्वीरों से करेगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अकाउंट किसी वास्तविक व्यक्ति का ही है। अकाउंट सेटिंग में जाकर वेरिफिकेशन के लिए अप्लाई करना होगा।
किन यूजर्स को मिलेगा यह फीचर?
Facebook के अनुसार, वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूरी तरह फ्री है और आमतौर पर कुछ ही मिनटों में पूरी हो जाती है।
हालांकि, इसके लिए कुछ शर्तें भी तय की गई हैं:
- यूजर की उम्र 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए।
- अकाउंट का रिकॉर्ड अच्छा होना चाहिए।
- पहले कभी धोखाधड़ी, स्कैम या भ्रामक गतिविधियों में शामिल नहीं होना चाहिए।
- यह फीचर फिलहाल Facebook Pages और Professional Mode वाले प्रोफाइल के लिए उपलब्ध नहीं होगा।
कहां दिखाई देगा Verified बैज?
वेरिफिकेशन पूरा होने के बाद बैज उन जगहों पर दिखाई देगा, जहां यूजर की पहचान सबसे ज्यादा मायने रखती है। इनमें शामिल हैं:- Facebook प्रोफाइल
- Facebook Marketplace लिस्टिंग
- Facebook Dating प्रोफाइल
- Facebook Groups
Verified बैज का मतलब पूरी तरह सुरक्षित अकाउंट नहीं
Facebook ने स्पष्ट किया है कि यह बैज केवल यह पुष्टि करता है कि अकाउंट किसी वास्तविक व्यक्ति का है। इसका यह मतलब नहीं है कि कंपनी उस व्यक्ति के व्यवहार की गारंटी देती है या उसे पूरी तरह भरोसेमंद घोषित करती है।
Verified अकाउंट्स को भी Facebook के Community Standards और Commerce Policies का पालन करना होगा। यदि कोई वास्तविक व्यक्ति भी प्लेटफॉर्म के नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
