आज के डिजिटल समय में स्मार्टफोन हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। डेली रूटीन लाइफ के कई सारे काम अब स्मार्टफोन पर ही निर्भर होकर रह गए हैं। अगर हमारा स्मार्टफोन पास में न हो तो कई जरूरी काम पूरी तरह से ठप पड़ सकते हैं। हालांकि इसके कुछ नुकसान भी हैं। स्मार्टफोन ने हमारी जिंदगी को जितना आसान बनाया है उतने ही इसके कुछ बड़े नुकसान भी हैं। हमारी एक गलती बड़ा आर्थिक नुकसान करा सकती है।
हमारी एक छोटी सी गलती हमारा बड़ा नुकसान करा सकती है।(फोटो क्रेडिट-iStock)
दरअसल अब स्मार्टफोन सिर्फ कॉलिंग और चैटिंग के कामों तक ही सीमित नहीं है। इसमें हमारी कई सारी पर्सनल चीजें मौजूद रहती हैं। इसलिए हमें बेहद सावधानी बरतने की जरूरत है। भारत में एंड्रॉयड स्मार्टफोन्स सबसे ज्यादा इस्तेमाल किए जाते हैं। इंटरनेट की पहुंच आसान होने के बाद से पिछले कुछ सालों में ऑनलाइन हैकिंग और साइबर फ्रॉड के मामलों में भी काफी तेजी से बढ़ोतरी हुई है। इसलिए अगर हम थोडी सी भी लापरवाही बरतते हैं तो हमारा बड़ा नुकसान हो सकता है।
अगर आप एक एंड्रॉयड स्मार्टफोन यूजर है तो आपको कुछ ऐसी गलतियों से बचना चाहिए जो ज्यादातर लोग अपनी डेली रूटीन लाइफ में करते हैं। आपकी थोड़ी सी सावधानी बरतते हैं तो आपकी प्राइवेसी, पर्सनल डेटा और बैंक अकाउंट को पूरी तरह से सेफ रहेगी।
क्या है असली खतरा?
साइबर एक्सेप्ट अनुसार सबसे बड़ा खतरा 'फर्जी ऐप्स' और 'अनऑफिशियल डाउनलोड्स' से है। कई यूजर्स बिना सोचे-समझे थर्ड-पार्टी वेबसाइट्स से APK फाइल डाउनलोड कर लेते हैं। यही गलती हैकर्स के लिए दरवाजा खोल देती है। इन फर्जी ऐप्स के जरिए साइबर क्रिमिनल्स कई तरह से आपको नुकसान पहुंचा सकते हैं।- बैंकिंग डिटेल्स चोरी की जा सकती हैं।
- OTP और पासवर्ड ट्रैक किए जा सकते हैं।
- फोन का कैमरा और माइक्रोफोन एक्सेस किया जा सकता है।
- निजी फोटो और चैट लीक हो सकते हैं।
सबसे आम गलतियां जो लोग करते हैं
1. अनजान लिंक पर क्लिक करना: WhatsApp, SMS या ईमेल पर आने वाले “इनाम जीतो” या “अकाउंट ब्लॉक” जैसे मैसेज अक्सर फिशिंग होते हैं।
2. अनऑफिशियल ऐप डाउनलोड करना: Play Store के बाहर से ऐप इंस्टॉल करना सबसे बड़ा रिस्क माना जाता है।
3. ऐप परमिशन को नजरअंदाज करना: कई ऐप्स जरूरत से ज्यादा परमिशन मांगते हैं जैसे Contacts, SMS, Camera और Location।
4. सॉफ्टवेयर अपडेट को टालना: पुराने वर्जन में सिक्योरिटी खामियां रहती हैं, जिन्हें हैकर्स आसानी से एक्सप्लॉइट कर लेते हैं।
हैकिंग कैसे होती है?
हैकर्स अक्सर “मालवेयर” या “स्पाईवेयर” ऐप्स का इस्तेमाल करते हैं। ये ऐप्स दिखने में सामान्य लगते हैं, लेकिन बैकग्राउंड में यूजर की गतिविधियों को रिकॉर्ड करते रहते हैं। कई मामलों में यूजर्स को तब पता चलता है जब बैंक अकाउंट से पैसे गायब हो जाते हैं या सोशल मीडिया अकाउंट हैक हो जाता है।कैसे बचें इस खतरे से?
- केवल Google Play Store से ही ऐप डाउनलोड करें।
- ऐप इंस्टॉल करते समय परमिशन ध्यान से पढ़ें।
- नियमित रूप से फोन और ऐप्स अपडेट करें।
- किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें।
- मजबूत पासवर्ड और 2FA (Two-Factor Authentication) का इस्तेमाल करें।
- एंटीवायरस या सिक्योरिटी ऐप का उपयोग करें।
सरकार और कंपनियों की चेतावनी
भारत सरकार की साइबर एजेंसियां भी लगातार लोगों को डिजिटल फ्रॉड के खिलाफ जागरूक कर रही हैं। साथ ही Google भी समय-समय पर Play Store से लाखों फर्जी ऐप्स हटाता रहता है, लेकिन इसके बावजूद नए खतरे लगातार सामने आते रहते हैं।
