हाल ही में एयरटेल के रिचार्ज प्लान महंगे होने के कारण यदि आप जियो के ग्राहक हैं और टेंशन में हैं कि जियो के प्लान भी जल्द महंगे हो सकते हैं तो आपके लिए थोड़ी राहत की खबर है। Jio के प्रबंध निदेशक आकाश अंबानी ने संकेत दिया है कि कंपनी अपनी कमाई बढ़ाने के लिए सिर्फ मोबाइल रिचार्ज महंगा करने पर निर्भर नहीं रहना चाहती। इसके बजाय वह ग्राहकों को ऐसी अतिरिक्त सेवाएं देना चाहती है, जिनसे कंपनी की कमाई भी बढ़े और यूजर्स को भी नए फायदे मिलें। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि भविष्य में रिचार्ज की कीमतें नहीं बढ़ेंगी।
PTI/भाषा के मुताबिक जियो प्लेटफॉर्म्स के प्रस्तावित आईपीओ से पहले हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में आकाश अंबानी ने कहा कि जरूरत पड़ने पर कंपनी के पास टैरिफ बढ़ाने का विकल्प मौजूद है। लेकिन फिलहाल कंपनी का जोर डेटा की कीमत बढ़ाने के बजाय दूसरी सेवाओं से कमाई बढ़ाने पर है।
क्या Jio का रिचार्ज अभी महंगा नहीं होगा?
आकाश अंबानी के बयान से उन ग्राहकों को थोड़ी राहत जरूर मिल सकती है, जो रिचार्ज की कीमतों को लेकर चिंतित रहते हैं। लेकिन यहां एक बात समझना जरूरी है। उन्होंने यह नहीं कहा कि Jio रिचार्ज की कीमतें नहीं बढ़ाएगी। उन्होंने सिर्फ इतना बताया कि कंपनी के पास कमाई बढ़ाने के दूसरे रास्ते भी हैं।
यानी आने वाले समय में Jio नई डिजिटल सेवाएं, एआई आधारित सुविधाएं, घरेलू ब्रॉडबैंड और कारोबार से जुड़ी सेवाओं के जरिए ज्यादा कमाई करने की कोशिश करेगी। जरूरत पड़ने पर मोबाइल टैरिफ बढ़ाने का विकल्प भी खुला रहेगा। फिलहाल कीमतों में बढ़ोतरी की कोई तारीख घोषित नहीं की गई है।
215.6 रुपये महीने का खर्च, हर यूजर से कमाई बढ़ाना चाहती है कंपनी
Jio की कमाई को समझने के लिए एआरपीयू यानी प्रति ग्राहक औसत मासिक राजस्व को समझना जरूरी है। जून 2026 के अंत तक कंपनी का एआरपीयू 215.6 रुपये था। आसान भाषा में कहें तो यह हर ग्राहक से कंपनी को होने वाली औसत मासिक कमाई का संकेत देता है, न कि हर ग्राहक के वास्तविक रिचार्ज की कीमत।
आकाश अंबानी के मुताबिक, Jio प्रति गीगाबाइट डेटा के लिए करीब 4.9 रुपये लेती है, जबकि उद्योग का औसत लगभग 7.5 रुपये है। कंपनी के ग्राहक औसतन हर महीने 43.7 जीबी डेटा इस्तेमाल करते हैं। इससे पता चलता है कि भारतीय यूजर्स मोबाइल इंटरनेट का कितना ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं। अब कंपनी इसी बड़े ग्राहक आधार से अतिरिक्त सेवाओं के जरिए कमाई बढ़ाना चाहती है।
मोबाइल डेटा के साथ मिल सकती हैं AI जैसी नई सुविधाएं
Jio की योजना सिर्फ कॉलिंग और इंटरनेट तक सीमित नहीं है। कंपनी एआई आधारित वॉयस सुविधाओं और दूसरी डिजिटल सेवाओं को भी कमाई का जरिया बनाना चाहती है। आने वाले समय में ऐसी सेवाएं कंपनी के कारोबार में कितनी बड़ी भूमिका निभाएंगी, यह उनके इस्तेमाल और ग्राहकों की मांग पर निर्भर करेगा।
आम यूजर्स के लिए इसका मतलब यह हो सकता है कि मोबाइल कनेक्शन के साथ नई सुविधाएं भी मिलें। हालांकि, ये सेवाएं मुफ्त होंगी या इनके लिए अलग से भुगतान करना होगा, इस बारे में अभी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है।
53 करोड़ से ज्यादा ग्राहक, 28 करोड़ से अधिक 5G यूजर
जून 2026 के अंत तक Jio के कुल ग्राहकों की संख्या 53.33 करोड़ थी। इनमें 28.49 करोड़ ग्राहक 5G सेवाओं का इस्तेमाल कर रहे थे। कंपनी का दावा है कि चीन के बाहर उसका 5G ग्राहक आधार सबसे बड़ा है। देश के वायरलेस डेटा ट्रैफिक में भी Jio की हिस्सेदारी 60 प्रतिशत से ज्यादा है।
कंपनी के लिए यह बड़ा ग्राहक आधार कमाई बढ़ाने का अवसर है। इसके अलावा, घरेलू ब्रॉडबैंड कारोबार भी उसके लिए अहम है। वित्त वर्ष 2025-26 में Jio के फिक्स्ड ब्रॉडबैंड ग्राहकों की संख्या 2.86 करोड़ रही। कंपनी मोबाइल सेवाओं के साथ घरों के इंटरनेट और कारोबारों को डिजिटल सुविधाएं देने पर भी ध्यान दे रही है।
IPO से पहले Jio की बड़ी तैयारी
Jio Platforms ने अपने प्रस्तावित आईपीओ के लिए प्रति शेयर 1,065 से 1,119 रुपये का मूल्य दायरा तय किया है। ऊपरी मूल्य पर कंपनी करीब 30,213 करोड़ रुपये जुटा सकती है। ऐसा होने पर यह भारत का सबसे बड़ा आईपीओ बन सकता है। कंपनी का अनुमानित बाजार मूल्यांकन करीब 10.3 लाख करोड़ रुपये होगा।
आईपीओ के लिए बोली 21 से 23 अक्टूबर तक चलेगी और शेयरों की लिस्टिंग 28 अक्टूबर को होने की उम्मीद है। मसौदा दस्तावेजों के मुताबिक, आईपीओ से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल रिलायंस जियो इन्फोकॉम का कर्ज समय से पहले चुकाने और सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए किया जाएगा।
