Bill Gates On AI: 'टेक्नोलॉजी इंसानों की जगह नहीं लेगी', यह कहना है अरबपति बिल गेट्स का। एक पॉडकास्ट में अरबपति ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी टेक्नोलॉजी इंसानों को मेहनत कम करने में मदद कर सकती हैं और इसकी मदद से सप्ताह में तीन दिन काम करने के वर्क कल्चर को अपनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जीवन का उद्देश्य सिर्फ नौकरी करना नहीं है।
मेहनत से बचाएगी टेक्नोलॉजी
अरबपति ने एक पॉडकास्ट व्हाट नाउ पर दक्षिण अफ्रीकी कॉमेडियन ट्रेवर नोआ से बात करते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर अपने विचार साझा किए। AI के खतरे पर बोलते हुए बिल गेट्स ने एक ऐसी दुनिया का विचार रखा जहां इंसानों को उतनी मेहनत नहीं करनी पड़ती जितनी मशीनें दैनिक कार्यों का बोझ उठाती हैं।
जीवन का उद्देश्य सिर्फ नौकरी करना नहीं- बिल गेट्स
गेट्स ने कहा कि अपने जीवन के दो दशकों से अधिक समय तक (जब वह 18 से 40 वर्ष के थे) वह अपनी कंपनी बनाने के बारे में "मोनो-मैनियाक" थे। अब 68 साल की उम्र में उन्हें एहसास हुआ कि "जीवन का उद्देश्य सिर्फ नौकरी करना नहीं है"।
अरबपति ने टेक्नोलॉजी, काम और जीवन के उद्देश्य के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि यदि आपको एक ऐसा समाज मिलता है जहां आपको सप्ताह में केवल तीन दिन काम करना पड़ता है, तो शायद यह ठीक है। यह सब टेक्नोलॉजी के कारण ही संभव हो सकता है।
AI के खतरे भी गिनाए
उन्होंने कहा कि मशीनें हमारे लिए खाना और बाकी जरूरी सामान बना सकती हैं और हमें उसके लिए उतनी मेहनत नहीं करनी पड़ती। गेट्स ने फेक न्यूज, डीपफेक, सिक्योरिटी थ्रेड्स, जॉब मार्केट में बदलाव और इसका शिक्षा पर प्रभाव जैसे खतरे भी गिनाए।
