मुंबई की युवा घुड़सवार स्टास्या पांड्या ने 'चिल्ड्रन I' कैटेगरी में शो-जंपिंग इवेंट के लिए जूनियर नेशनल इक्वेस्ट्रियन चैंपियनशिप (JNEC) 2026 के लिए क्वालिफाई कर लिया है। JNEC की एक प्रेस रिलीज़ के अनुसार, स्टास्या ने अपने घोड़े 'कूगर डेस फीस' (Cougar Des Fees) के साथ 8 और 9 अक्टूबर को मुंबई के एमेच्योर राइडर्स क्लब (ARC) में आयोजित नेशनल क्वालिफायर्स में बिना किसी पेनल्टी के नेशनल क्वालिफाइंग ज़रूरतें पूरी करके क्वालिफिकेशन हासिल किया।
चैंपियनशिप के लिए क्वालिफाई करने के लिए, राइडर्स को 'मिनिमम एलिजिबिलिटी रिक्वायरमेंट' (MER) पूरी करनी होती है, जिसमें 12-जंप वाले कोर्स को दो बार सफलतापूर्वक पूरा करना शामिल है। स्टास्या ने अक्टूबर में मुंबई के ARC में अपना दूसरा क्वालिफाइंग राउंड पूरा करने से पहले, अगस्त 2026 में कोयंबटूर में नेशनल क्वालिफायर्स में अपना पहला MER हासिल किया था।
यह क्वालिफिकेशन स्टास्या के घुड़सवारी के सफर में एक अहम पड़ाव है, जो इस खेल के प्रति उनके समर्पण, 'कूगर डेस फीस' के साथ उनकी पार्टनरशिप और नेशनल लेवल पर मुकाबला करने के लिए ज़रूरी निरंतरता को दिखाता है।
अपने क्वालिफिकेशन के बारे में बात करते हुए स्टास्या पांड्या ने कहा, "मैं इस साल जूनियर नेशनल इक्वेस्ट्रियन चैंपियनशिप के लिए क्वालिफाई करने को लेकर बहुत उत्साहित हूं। कड़ी मेहनत और ट्रेनिंग का नतीजा देखकर बहुत अच्छा लग रहा है। कूगर एक शानदार पार्टनर रहा है, और मैं इस प्रोसेस में मेरा मार्गदर्शन करने के लिए अपने कोच, बॉबिन शेरिंग की आभारी हूं। एमेच्योर राइडर्स क्लब में ट्रेनिंग ने मुझे सीखने, बेहतर बनने और इन प्रतियोगिताओं के लिए तैयारी करने में मदद की है। मेरे स्कूल, बिलबोंग हाई इंटरनेशनल स्कूल, मलाड ने भी इस खेल को आगे बढ़ाने में बहुत सहयोग दिया है। मैं चैंपियनशिप का बेसब्री से इंतज़ार कर रही हूं और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की कोशिश करूंगी।"
स्टास्या अनुभवी घुड़सवारी कोच बॉबिन शेरिंग की देखरेख में ट्रेनिंग करती हैं, जो शो-जंपिंग और ड्रेसेज (dressage) में राइडर्स के साथ काम करते हैं। उनकी कोचिंग राइडिंग तकनीक, अनुशासन, आत्मविश्वास और घोड़े व राइडर के बीच मज़बूत तालमेल विकसित करने पर केंद्रित होती है। उनका मार्गदर्शन स्टास्या की नेशनल लेवल की प्रतियोगिता की तैयारी का एक अहम हिस्सा रहा है।
उनका ट्रेनिंग बेस, एमेच्योर राइडर्स क्लब, मुंबई, प्रतिस्पर्धी घुड़सवारी कौशल विकसित करने के लिए ज़रूरी सुविधाएं और ट्रेनिंग का माहौल प्रदान करता है। लगातार ट्रेनिंग और राइडिंग की अच्छी सुविधाओं ने स्टास्या को अपनी तकनीक को बेहतर बनाने, जंप के दौरान अपनी निरंतरता सुधारने और नेशनल क्वालिफिकेशन स्टैंडर्ड्स को पूरा करने के लिए ज़रूरी आत्मविश्वास हासिल करने में मदद की है।
'चिल्ड्रन I शो-जंपिंग' कैटेगरी में अपनी जगह पक्की करने के बाद, स्टास्या अब दिसंबर 2026 में होने वाली 'जूनियर नेशनल इक्वेस्ट्रियन चैंपियनशिप 2026' पर ध्यान देंगी। इस चैंपियनशिप में उनका लक्ष्य अपनी प्रोग्रेस को आगे बढ़ाना और देश के युवा घुड़सवार टैलेंट के साथ मुकाबला करके और अनुभव हासिल करना है।
