पेरिस: भारत की 29 साल की स्टार रेसलर विनेश फोगाट ने मंगलवार को पेरिस ओलंपिक 2024 में इतिहास रच दिया। विनेश ओलंपिक में कुश्ती के फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बन गईं है। विनेश ने मंगलवार को सेमीफाइनल मुकाबले में क्यूबा की पहलवान युसनेलिस गुजमैन लोपेज को 5-0 से मात दी। पेरिस ओलंपिक में महिला कुश्ती स्पर्धा के 50 किलोवर्ग में स्वर्ण पदक अपने नाम करने से विनेश एक कदम दूर रह गई हैं। फाइनल में उनकी भिड़ंत अमिरिकी की सारा हिल्डब्रैंट के साथ होगा। सारा ने भी सेमीफाइनल में अपनी प्रतिद्वंद्वी मंगोलियाई पहलवान को 5-0 के अंतर से पटखनी देकर फाइनल में प्रवेश किया है।
सेमीफाइनल में जीत के बाद विनेश फोगाट
फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला रेसलर
विनेश फोगाट ने ओलंपिक के फाइनल में पहुंचते ही अपने नाम बहुत सी उपलब्धियां कर ली हैं। ओलंपिक खेलों में कुश्ती के फाइनल में पहुंचने वाली विनेश सुशील कुमार और रवि दहिया के बाद तीसरी भारतीय पहलवान बनी हैं। सुशील कुमार साल 2012 में लंदन ओलंपिक में और रवि दहिया साल 2021 में टोक्यो ओलंपिक में फाइनल में पहुंचने में सफल हुए थे लेकिन गोल्ड जीतने से चूक गए। वहीं विनेश फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान हैं अगर वो गोल्ड मेडल अपने नाम कर लेती हैं तो ओलंपिक में कुश्ती का स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय पहलवान बन जाएंगी।
ओलंपिक पदक जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला पहलवान
विनेश फोगाट ओलंपिक कुश्ती में पदक हासिल करने वाली साक्षी मलिक के बाद दूसरी भारतीय महिला पहलवान बनी हैं। साक्षी मलिक ने साल 2016 में रियो ओलंपिक में भारत को कांस्य पदक दिलाया था। साक्षी रेपचेज राउंड के जरिए कांस्य पदक जीतने में सफल हुई थीं। लेकिन फाइनल में कदम रखते ही विनेश ने साक्षी को पीछे छोड़कर भारत के लिए पेरिस ओलंपिक में रजत पदक पक्का कर दिया है।
लगातार पांचवें ओलंपिक में कुश्ती से पदक
ओलंपिक खेलों में भारत लगातार पांचवीं बार कुश्ती में पदक जीतने में कामयाब हुआ है। भारत को साल 2008 में सुशील कुमार(कांस्य), 2012 में सुशील कुमार(रजत), योगेश्वर दत्त(कांस्य), 2016 में साक्षी मलिक(कांस्य), 2021 में रवि दहिया(रजत) और बजरंग पूनिया(कांस्य) ने पदक जीते थे। अब विनेश ने पेरिस ओलंपिक 2024 में भी भारत के लिए पदक पक्का कर दिया है। भारत का ओलंपिक खेलों में कुश्ती में मिला ये आठवां पदक होगा। इससे पहले भारत के खाते में 2 रजत और 5 कांस्य पदक आए हैं। केवल गोल्ड की कमी है जो विनेश पूरी कर सकती हैं।
बन सकती हैं भारत की गोल्डन गर्ल
विनेश फोगाट एशियाई खेलों में महिला कुश्ती में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय पहलवान साल 2018 में बनी थीं। जकार्ता एशियाई खेलों में उन्होंने ये इतिहास रचा था। अब उनके पास ओलंपिक खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय बनने के शानदार मौका है। अगर विनेश अमेरिकी पहलवान को मात देने में सफल होती हैं तो उनका नाम भारत के ओलंपिक इतिहास में हमेशा के लिए गोल्डन दर्ज हो जाएगा। भारत की कोई भी महिला एथलीट ओलंपिक खेलों में स्वर्ण पदक नहीं जीत सकी है। पीवी सिंधू साल 2016 में बैडमिंटन के महिला एकल फाइनल में गोल्ड मेडल जीतने से चूक गईं थी। वहीं टोक्यो में मीराबाई चानू के हाथों से भी गोल्ड मेडल फिसल गया था।
