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शीतल-पायल की जोड़ी ने जीता एशियन पैरा गेम्स में कंपाउंड आर्चरी का सिल्वर मेडल

Pair Of Sheetal-Payal Wins Silver Medal In Asian para games Compound Archery: भारत की शीतल देवी और पायल नाग ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एशियाई पैरा गेम्स के कंपाउंड आर्चरी का सिल्वर मेडल अपने नाम कर लिया है।

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पायल नाग और शीतल देवी ने जीता सिल्वर मेडल (X/India_Archery)

बुधवार को एशियन पैरा गेम्स 2026 के फाइनल में चीन की ज़्यूकिंग ज़ू और जिंग झाओ से हारने के बाद, भारतीय पैरा-आर्चर्स शीतल देवी और पायल नाग ने महिलाओं के कंपाउंड डबल्स इवेंट में सिल्वर मेडल जीता।

रैंकिंग राउंड में टॉप पर रहने वाली भारतीय जोड़ी को गोल्ड मेडल मैच में चीनी जोड़ी ने 141-150 से हरा दिया। इसके साथ ही भारत को सिल्वर मेडल मिला और इन खेलों में पैरा-आर्चरी में भारत का पहला मेडल पक्का हुआ।

फाइनल में शीतल और पायल अपनी लय बनाए रखने के लिए संघर्ष करती दिखीं, जबकि चीनी आर्चर्स ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया।

इस सिल्वर मेडल के साथ भारत के कुल पदकों की संख्या में इजाफा हुआ। इसके अलावा, पैरा-एथलेटिक्स में भी भारत को एक ब्रॉन्ज मेडल मिला, जब अनुभव चौधरी पुरुषों की 100 मीटर T35 स्पर्धा में तीसरे स्थान पर रहे।

अनुभव ने 12.72 सेकंड का अपना अब तक का सबसे बेहतरीन समय निकालते हुए ब्रॉन्ज मेडल जीता। इन खेलों में स्प्रिंट इवेंट्स में भारत का शानदार प्रदर्शन जारी है।

वहीं, भारतीय स्प्रिंटर सिमरन शर्मा ने महिलाओं की 100 मीटर T12 स्पर्धा की अपनी हीट को 12.13 सेकंड में जीतकर फाइनल में जगह बनाई। इस दौरान उन्होंने एशियन पैरा गेम्स का रिकॉर्ड भी कायम किया। सिमरन ने मंगलवार को महिलाओं की 200 मीटर स्पर्धा का खिताब जीता था।

इन प्रदर्शनों के साथ, एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारत के कुल पदकों की संख्या 37 हो गई है और देश पदक तालिका में छठे स्थान पर है। 19 वर्षीय शीतल भारत की प्रमुख पैरा-आर्चर्स में से एक हैं। उन्होंने 2024 पेरिस पैरालंपिक में मिक्स्ड टीम कंपाउंड इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीता था और वह देश की सबसे कम उम्र की पैरालंपिक मेडलिस्ट बनीं।

ओडिशा के बलांगीर की रहने वाली पैरा-आर्चर पायल नाग ने खेल की दुनिया में अपनी पहचान बनाने के लिए कई बड़ी मुश्किलों का सामना किया है। आठ साल की उम्र में बिजली के झटके (इलेक्ट्रोक्यूशन) के कारण उन्होंने अपने चारों अंग खो दिए थे। इसके बाद उन्होंने कटरा स्थित माता वैष्णो देवी श्राइन आर्चरी एकेडमी में कोच कुलदीप वेदवान के मार्गदर्शन में आर्चरी (तीरंदाजी) की शुरुआत की। भारतीय जोड़ी के रजत पदक ने देश के पैरा-आर्चरी अभियान को शुरुआती बढ़ावा दिया, जबकि अनुभव के अब तक के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन ने नागोया में भारत के पदकों की संख्या को और मजबूत किया।

Shivam Awasthi
शिवम अवस्थीauthor

शिवम् अवस्थी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स डेस्क के इंचार्ज हैं। इनको खेल पत्रकारिता में तकरीबन 17 सालों का अनुभव है। इनको क्रिकेट, फुटबॉल और टेनिस में खास रुचि है। उन्हें खेलना भी पसंद है और वो देहरादून में फुटबॉल व क्रिकेट इंटर डिस्ट्रिक्ट चैंपियनशिप में विजेता टीम के कप्तान भी रहे। पत्रकारिता में कदम रखने के कुछ समय बाद कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 का संपूर्ण फील्ड कवरेज किया और कई ब्रेकिंग न्यूज दी। कई चर्चित भारतीय एथलीटों के इंटरव्यू लिए हैं। 2011 वनडे क्रिकेट वर्ल्ड कप का ऑनफील्ड रहकर शहर-शहर घूमते हुए पूरा टीवी कवरेज किया। विश्व कप से पहले युवा विराट कोहली का इंटरव्यू किया। डिजिटल जैसे-जैसे आगे बढ़ा उन्हें ब्रेट ली, सुनील गावस्कर, राहुल द्रविड़, जैसे तमाम धुरंधरों के साक्षात्कार किए और 16 वर्षीय ऋषभ पंत का पहला डिजिटल इंटरव्यू किया जिसे इंग्लिश और हिंदी वेबसाइट पर काफी रीडरशिप मिली। उन्होंने स्पोर्ट्स मल्टी पॉडकास्ट भी किया। आईपीएल के 18 सीजन से ऑनफील्ड जुड़े रहे। अब तक तकरीबन 6000 से ज्यादा एक्सक्लूसिव स्टोरीज लिख चुके हैं। साल 2025 में खेल जगत के तमाम बड़े रिकॉर्ड्स व आंकड़ों को ट्रैक किया है और उन पर आर्टिकल तैयार किए हैं।

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