रिंकू ने मां को समर्पित किया अपना गोल्ड मेडल, दो महीने पहले हुआ था निधन

एशियन पैरा गेम्स में भारत ने सोमवार को जैवलिन थ्रो इवेंट में डबल पोडियम फिनिश किया। रोहतक के रहने वाले रिंकू ने एफ46 स्पर्धा में भारत को गोल्ड दिलाया। जीत के बाद उन्होंने यह मेडल अपने मृत मां को समर्पित किया।

मां के निधन के बाद पिछले दो महीने से परेशान चल रहे रिंकू हुड्डा ने उनके लिए एशियाई पैरा खेलों में स्वर्ण पदक जीतने का संकल्प लिया था और सोमवार को नागोया में उन्होंने ऐसा कर दिखाया। रिंकू ने आइची-नागोया एशियाई पैरा खेलों की पुरुषों की भाला फेंक एफ46 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर इसे अपनी मां को समर्पित किया। इस स्पर्धा में भारत के अजीत सिंह ने भी रजत पदक जीता। नागोया से पीटीआई के साथ टेलीफोन पर बातचीत में रिंकू ने कहा, ’’पिछले दो महीने से मैं थोड़ा परेशान था। मेरी मां का आठ अगस्त को निधन हो गया था। मैं अब भी परेशान हूं। बाहर से सब ठीक लगता है, लेकिन अंदर से ऐसा नहीं है।’’

Rinku Hooda

रिंकू हुड्डा (साभार-X)

उन्होंने कहा, ’’मैं अपनी मां के लिए यह स्वर्ण पदक जीतना चाहता था। इसलिए मैं यह स्वर्ण पदक अपनी मां को समर्पित करना चाहूंगा।’’ हरियाणा के धामड़ गांव के 27 वर्षीय रिंकू को मां के निधन के बाद परिवार के साथ समय बिताने का ज्यादा मौका नहीं मिला क्योंकि 13 दिन की शोक अवधि पूरी होते ही उन्हें प्रशिक्षण के लिए लौटना पड़ा।’’ रोहतक के राजीव गांधी स्टेडियम में प्रशिक्षण लेने वाले रिंकू ने कहा, ’’उनका निधन आठ अगस्त को हुआ था। 19 अगस्त को 13वें दिन की रस्म पूरी होते ही मैंने प्रशिक्षण शुरू कर दिया था। हालांकि, शुरुआत में मैंने हल्का अभ्यास किया।’’

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