स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। ओलंपिक और विश्व चैंपियन जैवलिन थ्रोअर (भाला फेंक खिलाड़ी) नीरज चोपड़ा ने कहा है कि चोट लगने के बाद, वह अगले साल एक मजबूत वापसी करने की तैयारी कर रहे हैं। उनका मुख्य लक्ष्य 2028 के ओलंपिक खेलों में बेहतरीन प्रदर्शन करना है।
मजबूत वापसी करने की तैयारी में हैं नीरज चोपड़ा। फाइल फोटो
नीरज चोपड़ा ने टोक्यो 2020 ओलंपिक में स्वर्ण पदक और पेरिस 2024 ओलंपिक में रजत पदक जीता था। वह हाल के सालों में भारत के सबसे प्रमुख खिलाड़ियों में से एक रहे हैं। हालांकि, हाल ही में जापान में हुए एशियाई खेलों में वह हिस्सा नहीं ले सके। क्योंकि ट्रेनिंग के दौरान उनके टखने (एंकल) के लिगामेंट में चोट लग गई थी। इस चोट के कारण उन्हें पूरे सीजन से बाहर होना पड़ा।
'मैं वापसी की प्रक्रिया में हूं'
मुंबई में '2026 ऑडी Q3' (Audi Q3) के लॉन्च के मौके पर मीडिया से बात करते हुए नीरज चोपड़ा ने कहा, ओलंपिक में अभी काफी समय है; यह 2028 में आयोजित होगा। जैसा कि आप जानते हैं, मुझे चोट लग गई थी, लेकिन अब मैं वापसी की प्रक्रिया में हूं। मेरा पूरा ध्यान अगले साल एक मजबूत और शानदार वापसी करने पर है, ताकि मैं वैसा प्रदर्शन कर सकूं जैसा मैंने सोचा है।
उन्होंने एशियाई खेलों में भारतीय जैवलिन थ्रोअर यशवीर सिंह और रोहित यादव के प्रदर्शन की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि उनकी और किशोर जेना की गैर-मौजूदगी में इन खिलाड़ियों का पदक जीतना यह दिखाता है कि भारत में युवा जैवलिन प्रतिभाओं की संख्या बढ़ रही है। उन्होंने इन खिलाड़ियों को चोट से बचकर रहने और खेल का आनंद लेने की सलाह दी।c
यशवीर और रोहित की तारीफ की
गौरतलब है कि यशवीर और रोहित ने इन खेलों में भारत के लिए दो पदक जीते। मेंस के जैवलिन थ्रो इवेंट में यशवीर ने रजत पदक और रोहित ने कांस्य पदक हासिल किया। इस पर नीरज चोपड़ा ने कहा, मुझे लगता है कि यशवीर और रोहित ने बहुत शानदार प्रदर्शन किया। पिछले एशियाई खेलों में हमने दो पदक जीते थे- एक गोल्ड और एक रजत। इस बार, किशोर (किशोर जेना) और मेरे न होने के बावजूद, हम फिर भी दो पदक जीतने में कामयाब रहे।
नीरज ने कहा, इन नए, युवा खिलाड़ियों का सामने आना भारत के लिए एक बहुत ही सकारात्मक संकेत है, जो दिखाता है कि हमारे यहां प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। मैं उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं देता हूं। साथ ही, मेरी उन्हें सलाह होगी कि वे अपना अच्छे से ख्याल रखें, चोटों से बचें और बस अपने खेल का आनंद लें।
