एशियन गेम्स 2026 की ओपनिंग सेरेमनी 19 सितंबर 2026 (शनिवार) को आयोजित होनी है। इस भव्य समारोह में सभी देशों की टीमें पारंपरिक परेड का हिस्सा बनेंगी। भारत के लिए इस बार ओपनिंग सेरेमनी में प्रथम ध्वज वाहक भारतीय निशानेबाज मनु भाकर (Manu Bhaker) होंगी। ओपनिंग सेरेमनी भारतीय समय के मुताबिक 19 सितंबर को दोपहर 2:30 बजे से शुरू होगी।
मनु भाकर (Instagram/bhakermanu)
एशियाड में भारतीय दल के शेफ-डी-मिशन (Chef-de-Mission) सहदेव यादव ने बताया है कि शूटर मनु भाकर ओपनिंग सेरेमनी में भारत की ध्वज वाहक होंगी। वहीं, खबरों के मुताबिक दूसरे ध्वज वाहक शॉट-पुट एथलीट तेजिंदर पाल सिंह तूर हो सकते हैं।
आयोजकों की फिर आलोचना, झंडा फहराने के कार्यक्रम में देरी
शुक्रवार को एशियाई खेलों में पारंपरिक झंडा फहराने का कार्यक्रम पहले तो देर से शुरू हुआ और फिर किसी अज्ञात "समस्या" के कारण उसमें रुकावट आ गई। भारत समेत कई देशों के प्रतिनिधि आयोजकों से स्पष्ट जानकारी का इंतज़ार कर रहे थे, क्योंकि आयोजन के दौरान लॉजिस्टिक्स (व्यवस्था) में हुई गड़बड़ी के लिए आयोजकों की आलोचना हो रही है।
भारत के चार डिप्टी शेफ-डी-मिशन - ए शरत कमल, लिजो डेविड थोट्टन, अलकनंदा अशोक और अंजलि भागवत - गार्डन पियर पर होने वाले इस समारोह के लिए मौजूद थे। यह जगह एथलीटों के लिए कंटेनर-स्टाइल में बने रहने की जगह के पास ही है।
स्थानीय आयोजकों के एक बयान में कहा गया, "देरी के लिए हमें खेद है। एक टीम के साथ कुछ समस्या हो गई है। हम अगले 15 मिनट में इसे फिर से शुरू करने की कोशिश करेंगे।" इस समारोह में यमन, उत्तर कोरिया, फिलिस्तीन, भारत और तिमोर-लेस्ते की टीमें शामिल थीं। यह कार्यक्रम शुरू में 20 मिनट की देरी से शुरू हुआ, लेकिन अचानक रोक दिया गया और आयोजकों ने इसके लिए कोई ठोस कारण नहीं बताया।
शरत और भागवत समारोह के मंच की ओर बढ़ चुके थे, लेकिन स्थानीय आयोजकों द्वारा देरी की घोषणा के बाद उन्हें वापस वेटिंग एरिया में लौटना पड़ा। मल्टी-स्पोर्ट इवेंट्स में बाहर से आने वाली टीमों के आधिकारिक स्वागत के लिए झंडा फहराने का समारोह आयोजित किया जाता है और यह खेलों के आधिकारिक उद्घाटन से एक दिन पहले होता है।
शुक्रवार को हुई इस रुकावट ने इस बड़े आयोजन में पहले से मौजूद अव्यवस्था को और बढ़ा दिया है, जहाँ एथलीटों ने रहने की सुविधाओं में देरी और जगह की कमी की शिकायतें की हैं।आयोजकों ने लागत कम करने के लिए पारंपरिक 'गेम्स विलेज' बनाने के बजाय कंटेनर-स्टाइल की झोपड़ियों, एक खड़े क्रूज़ शिप और होटलों में रहने की व्यवस्था की है।
