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युवा भारतीय पहलवान अमृता पुजारी अंडर-23 वर्ल्ड कुश्ती चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचीं

Amruta Pujari Qualifies For U23 World Wrestling Championship Final: महाराष्ट्र के सोलापुर से आने वाली युवा भारतीय महिला पहलवान अमृता पुजारी ने कमाल का प्रदर्शन करके हुए अंडर-23 वर्ल्ड रेस्लिंग चैंपियनशिप के फाइनल में जगह बना ली है। अब वो गोल्ड मेडल से बस एक जीत दूर हैं।

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अमृता पुजारी (दाएं) ने अंडर-23 विश्व कुश्ती चैंपियनशिप के फाइनल में जगह बनाई (FILE- Instagram/SAI_Mumbai_Official)

अंडर-23 विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में भारत की अमृता पुजारी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए महिलाओं के 72 किग्रा वर्ग के फाइनल में जगह बना ली है। उन्होंने अपनी दोनों प्रतिद्वंद्वियों को 'पिन' करके हराया और अब वे स्वर्ण पदक जीतने की दौड़ में शामिल हो गई हैं। अमृता ने पहले कजाकिस्तान की सबिरज़ानोवा के खिलाफ 7-1 की बढ़त बनाई और फिर उन्हें हरा दिया। इसके बाद सेमीफाइनल में उन्होंने चीन की वेनजिन किउ के खिलाफ 10-8 की बढ़त बनाने के बाद उन्हें 'पिन' करके जीत हासिल की। महाराष्ट्र के सोलापुर की रहने वालीं अमृता अब स्वर्ण पदक के मुकाबले में यूक्रेन की इरीना ज़ाब्लोत्स्का का सामना करेंगी।

कोमल ने भी पदक जीता। उन्होंने महिलाओं के 59 किग्रा वर्ग में कजाकिस्तान की विक्टोरिया खुसैनोवा को 7-2 से हराकर कांस्य पदक अपने नाम किया। कोमल सेमीफाइनल में यूहवक्रेन की अलीना फिलिपोविच से 'टेक्निकल सुपीरियरिटी' (तकनीकी श्रेष्ठता) के आधार पर हार गई थीं, जिसके बाद वे कांस्य पदक के प्लेऑफ में पहुंचीं।

इससे पहले, उन्होंने कनाडा की एला फाइंडिंग के खिलाफ मुकाबला 1-1 से बराबर रहने पर 'क्राइटेरिया' (नियमों) के आधार पर जीत हासिल की थी, और मोल्दोवा की मैडलिना प्रिसाकारी को 8-3 से हराया था। वहीं, 53 किग्रा वर्ग में स्वीटी क्वार्टर फाइनल में क्रिस्टेल रोड्रिगेज डोबलर से 2-11 से हार गईं, लेकिन अब वे 'रिपेचेज' (repechage) के जरिए कांस्य पदक जीतने की दौड़ में बनी हुई हैं।

स्वीटी ने प्री-क्वार्टर फाइनल में कजाकिस्तान की दिनारा दाउलकिज़ी को हराकर अपने अभियान की मजबूत शुरुआत की थी। चूंकि डोबलर फाइनल में पहुंच गई हैं, इसलिए भारतीय पहलवान स्वीटी को 'रिपेचेज' का मौका मिला है। अब वे कांस्य पदक के मुकाबले में जगह बनाने के लिए चीन की ज़ियाओतोंग ज़ेंग का सामना करेंगी।

वैष्णवी पाटिल भी 65 किग्रा वर्ग में 'रिपेचेज' के जरिए पदक जीतने की कोशिश में हैं। क्वार्टर फाइनल में रूस की एकातेरिना कोशकिना से 'टेक्निकल सुपीरियरिटी' के आधार पर हारने के बाद, अब उनका मुकाबला जापान की हारुका कोबारु से होगा। इस बीच, महिलाओं के 76 किग्रा वर्ग में दीक्षा मलिक पांचवें स्थान पर रहीं। वीज़ा संबंधी समस्याओं के कारण, भारत महिलाओं की 50kg, 55kg, 57kg और 62kg भार श्रेणियों में, तथा ग्रीको-रोमन शैली की 60kg, 77kg, 82kg, 97kg और 130kg भार श्रेणियों में अपने पहलवान नहीं उतार सका। विश्वजीत मोरे ने ग्रीको-रोमन शैली की 55kg भार श्रेणी में रजत पदक जीतकर, इस प्रतियोगिता में भारत को अपना पहला पदक दिलाया।

Shivam Awasthi
शिवम अवस्थीauthor

शिवम् अवस्थी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स डेस्क के इंचार्ज हैं। इनको खेल पत्रकारिता में तकरीबन 17 सालों का अनुभव है। इनको क्रिकेट, फुटबॉल और टेनिस में खास रुचि है। उन्हें खेलना भी पसंद है और वो देहरादून में फुटबॉल व क्रिकेट इंटर डिस्ट्रिक्ट चैंपियनशिप में विजेता टीम के कप्तान भी रहे। पत्रकारिता में कदम रखने के कुछ समय बाद कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 का संपूर्ण फील्ड कवरेज किया और कई ब्रेकिंग न्यूज दी। कई चर्चित भारतीय एथलीटों के इंटरव्यू लिए हैं। 2011 वनडे क्रिकेट वर्ल्ड कप का ऑनफील्ड रहकर शहर-शहर घूमते हुए पूरा टीवी कवरेज किया। विश्व कप से पहले युवा विराट कोहली का इंटरव्यू किया। डिजिटल जैसे-जैसे आगे बढ़ा उन्हें ब्रेट ली, सुनील गावस्कर, राहुल द्रविड़, जैसे तमाम धुरंधरों के साक्षात्कार किए और 16 वर्षीय ऋषभ पंत का पहला डिजिटल इंटरव्यू किया जिसे इंग्लिश और हिंदी वेबसाइट पर काफी रीडरशिप मिली। उन्होंने स्पोर्ट्स मल्टी पॉडकास्ट भी किया। आईपीएल के 18 सीजन से ऑनफील्ड जुड़े रहे। अब तक तकरीबन 6000 से ज्यादा एक्सक्लूसिव स्टोरीज लिख चुके हैं। साल 2025 में खेल जगत के तमाम बड़े रिकॉर्ड्स व आंकड़ों को ट्रैक किया है और उन पर आर्टिकल तैयार किए हैं।

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