दोहा: कतर ने मंगलवार को विवादास्पद गोल की बदौलत भारतीय फुटबॉल टीम को फीफा विश्व कप के दूसरे दौर के क्वालीफायर मुकाबले में 2-1 से हरा दिया। खराब रेफरिंग के कारण भारत फीफा विश्व कप क्वालीफायर के तीसरे दौर में प्रवेश कर इतिहास रचने का मौका चूक गया। भारतीय टीम अगर ये मैच जीत जाती तो पहली बार फीफा वर्ल्ड कप क्वालीफायर के तीसरे दौर में प्रवेश कर लेती। भारतीय फुटबॉल के इतिहास में ये दिन यादगार हो सकता था।
भारतीय फुटबॉल टीम(साभार Fancode Sceen Grab)
मैदान से बाहर जा चुकी गेंद को वापस खींचकर किया गोल
देश के सबसे महान फुटबॉलर सुनील छेत्री के अंतरराष्ट्रीय संन्यास के पांच दिन बाद 121वीं रैंकिंग वाली भारतीय टीम लालियानजुआला चांगटे के 37वें मिनट में किये गये गोल की बदौलत आगे चल रही थी। लेकिन रेफरी ने यूसुफ अयमन के गोल को सही करार दे दिया जबकि ऐसा लग रहा था कि गेंद मैदान से बाहर जा चुकी थी। उसे कतर के खिलाड़ी ने वापस मैदान में खींचकर यूसुफ अयमन के पास पहुंचा दिया जिसे उन्होंने गोल पोस्ट में भेज दिया। इस गोल का भारतीय कप्तान और गोलकीपर गुरप्रीत ने विरोध किया लेकिन रेफरी ने इस गोल को अमान्य नहीं ठहराया।
विवादित फैसले की वजह से हारा भारत
रेफरी के इस विवादास्पद फैसले के कारण भारतीय टीम की मैच में लय प्रभावित हुई और एशियाई चैम्पियन कतर ने 85वें मिनट में अहमद अल रावी की बदौलत अपना दूसरा गोल करके कतर को 2-1 से आगे कर दिया। एक अन्य मैच में कुवैत ने अफगानिस्तान को 1-0 से हराया। इस तरह कतर और कुवैत अगले दौर में पहुंच गए।
सोशल मीडिया पर छिड़ा विवाद
भारतीय टीम की कतर के खिलाफ विवादास्पद गोल की वजह से हार के बाद सोशल मीडिया पर जमकर विवाद छिड़ गया है। फैन्स फीफा को टैग करके मैच दोबारा कराने की मांग कर रहे हैं। कतर की टीम को चीटर करार दिया जा रहा है। कुछ लोग कह रहे हैं कि कतर ने भारतीय फुटबॉल टीम से जीत की लूट की है। हालांकि विवाद पर फीफा की तरफ से अबतक कोई सफाई नहीं आई है।
(भाषा इनपुट के साथ)
