EXPLAINER: बराबर फील्ड डिफेंस और प्वाइंट्स होने के बाद भी क्यों सेमीफाइनल में नहीं पहुंची भारतीय महिला हॉकी टीम?

नए नियम के अनुसार, ग्रुप मुकाबलों के बाद एक और राउंड रॉबिन ग्रुप जोड़ा गया। ग्रुप चरण से अंक और गोल अंतर (जीडी) केवल उसी टीम के लिए आगे बढ़ाए गए थे जो उनके साथ क्वालीफाई करती थी। इसका मतलब यह था कि भारत के पास एक अंक था और जीडी शून्य था, जिसमें उसने दो गोल किए और दो गोल खाए। भारतीय महिला टीम ग्रुप ई में चीन के साथ पहुंचा था। वहीं, दूसरी तरफ ऑस्ट्रेलिया ने -2 जीडी और शून्य अंक के साथ ग्रुप ई में जगह बनाई।

स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय महिला हॉकी टीम को रविवार (23 अगस्त) को एम्स्टेलवीन के वैगनर स्टेडियम में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 0-0 से ड्रॉ खेलने के बाद निराशा हाथ लगी। क्योंकि वे महिला हॉकी विश्व कप के सेमीफाइनल में पहुंचने से बाल-बाल चूक गईं। इस रिजल्ट के चलते दो बार की चैंपियन ऑस्ट्रेलिया ने सेमीफाइनल में जगह बना ली, जबकि भारत और ऑस्ट्रेलिया के अंक और गोल अंतर बराबर थे। फिर क्या हुआ कि भारतीय महिला टीम सेमीफाइनल में नहीं पहुंच सकी और ऑस्ट्रेलिया क्वालीफाई कर गया?

India Women Hockey Team

महिला हॉकी वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल से बाहर हुई टीम इंडिया।

नए नियम के अनुसार, ग्रुप मुकाबलों के बाद एक और राउंड रॉबिन ग्रुप जोड़ा गया। ग्रुप चरण से अंक और गोल अंतर (जीडी) केवल उसी टीम के लिए आगे बढ़ाए गए थे जो उनके साथ क्वालीफाई करती थी। इसका मतलब यह था कि भारत के पास एक अंक था और जीडी शून्य था, जिसमें उसने दो गोल किए और दो गोल खाए। भारतीय महिला टीम ग्रुप ई में चीन के साथ पहुंचा था। वहीं, दूसरी तरफ ऑस्ट्रेलिया ने -2 जीडी और शून्य अंक के साथ ग्रुप ई में जगह बनाई।

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