Varun Aaron Retirement: चोटों से परेशान भारतीय तेज गेंदबाज वरूण आरोन ने शुक्रवार को क्रिकेट से संन्यास लेने का ऐलान किया जब उनकी टीम झारखंड का विजय हजारे ट्रॉफी में अभियान समाप्त हो गया ।पैतीस वर्ष के आरोन ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण 2011 में किया था । उन्होंने भारत के लिये नौ टेस्ट और नौ वनडे खेले । उन्होंने पिछले साल लाल गेंद के क्रिकेट से विदा ले ली थी।
वरूण एरोन रिटायरमेंट (फोटो- AP)
2015 में अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले आरोन ने हाल ही में आईपीएल के साथ-साथ घरेलू क्रिकेट में भी अपना जलवा बिखेरा, लेकिन 17 साल के पेशेवर क्रिकेट के बाद उन्होंने संन्यास लेने का फैसला किया। विजय हजारे ट्रॉफी के हालिया सीजन में झारखंड का प्रतिनिधित्व करने वाले आरोन ने सोशल मीडिया पर अपने संन्यास की घोषणा की। उन्होंने गुजरात के खिलाफ 2010-11 के विजय हजारे ट्रॉफी फाइनल में 153 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद फेंककर सुर्खियां बटोरी थीं। झारखंड से ताल्लुक रखने वाले आरोन 2004 में एक टैलेंट स्काउट द्वारा देखे जाने के बाद से चेन्नई में एमआरएफ पेस अकादमी का हिस्सा थे।
इंस्टाग्राम पर डाला इमोशनल पोस्ट
वरुण एरोन ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट डालते हुए लिखा कि आरोन ने इंस्टाग्राम पर लिखा कि 'पिछले 20 साल से मैं तेज गेंदबाजी को समर्पित रहा हूं । आज पूरी कृतज्ञता के साथ मैं आधिकारिक तौर पर क्रिकेट से संन्यास ले रहा हूं।इतने साल में मैने कैरियर के लिये खतरा बनी अनेक चोटों से उबरने में शारीरिक और मानसिक तौर पर काफी मेहनत की, बार बार वापसी की और इसके लिये मैं अपने फिजियो, ट्रेनर और राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी के कोचों को धन्यवाद देता हूं ।अब मैं अपने जीवन की छोटी छोटी खुशियों का लुत्फ उठाना चाहूंगा लेकिन खेल से भी जुड़ा रहूंगा जिसने मुझे सब कुछ दिया है । तेज गेंदबाजी मेरा पहला प्यार रहा है और हमेशा मेरे जीवन का अहम हिस्सा रहेगी।'
ऐसा रहा करियर
वरुण आरोन ने नौ टेस्ट मैचों में 4.77 की प्रभावशाली इकॉनमी से 18 विकेट लिए। उन्होंने अक्टूबर 2011 में वानखेड़े स्टेडियम में इंग्लैंड के खिलाफ अपना डेब्यू करने के बाद इतने ही वनडे मैचों में 11 विकेट लिए। उन्होंने 66 प्रथम श्रेणी मैचों में 3.47 की इकॉनमी से 173 विकेट अपने नाम किए हैं।
