10 साल की उम्र से रोज 100 ओवर अभ्यास...वैभव के कोच ने खोला वैभव सूर्यवंशी ने खोला उनकी सफलता का राज

वैभव सूर्यवंशी के बचपन के कोच मनीष ओझा ने उनकी इतनी कम उम्र में सफलता का राज साझा किया है। उन्होंने बताया है कि रोजाना समस्तीपुर से पटना यात्रा करके वैभव नेट्स पर कितना अभ्यास करते थे।

नई दिल्ली: इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के पिछले दो सत्र में वैभव सूर्यवंशी की विस्फोटक बल्लेबाजी ने भले ही सभी को हैरान कर दिया हो, लेकिन उनके बचपन के कोच मनीष ओझा के अनुसार उनके शॉट्स की यह ताकत और तकनीक छह साल की कठिन मेहनत और लगातार अभ्यास का नतीजा है। ओझा ने कहा कि यह किशोर बल्लेबाज रोजाना लगभग आठ घंटे अभ्यास करता था और करीब 100 ओवर तक गेंदों का सामना करता था।

Vaibhav Suryavanshi

वैभव सूर्यवंशी (फोटो क्रेडिट BCCI X)

15 की उम्र में वैभव को मिली है टीम इंडिया में जगह

महज 15 वर्ष की उम्र में विश्व क्रिकेट के सबसे चर्चित बल्लेबाजों में शुमार सूर्यवंशी को हाल ही में इंग्लैंड के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय दौरे के लिए चुनी गयी भारतीय टीम में भी जगह मिली है। आईपीएल के बीते सत्र में वह 237 की शानदार स्ट्राइक रेट से 776 रन के साथ शीर्ष स्कोरर रहे। पटना स्थित अपनी अकादमी में आठ साल की उम्र से वैभव को प्रशिक्षण देने वाले कोच मनीष ओझा ने पीटीआई से बातचीत में बताया कि खिलाड़ी की सफलता के पीछे कड़ी मेहनत के साथ-साथ माता-पिता संजीव और आरती का बड़ा योगदान है।

End of Feed