स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। कुछ दिन पहले ही 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने यह साबित कर दिया था कि वे सिर्फ एक बल्लेबाज नहीं हैं। बल्कि गेंदबाजी करना भी जानते हैं। अब उन्होंने यह भी साबित कर दिया है कि वह एक अच्छे कप्तान भी हैं और DRS में सही फैसला भी लेना जानते हैं। उनका वीडियो एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है।
दलीप ट्रॉफी में वैभव सूर्यवंशी ने की कप्तानी। फोटो- स्क्रीन ग्रैब
दलीप ट्रॉफी 2026 के पहले सेमीफाइनल मुकाबले में ईस्ट जोन का सामना सेंट्रल जोन से हैं। 19वें ओवर में फील्डिंग करते हुए ईशान किशन को चोट लग गई। इसके चलते वह मैदान से बाहर चले गए। किशन की जगह वैभव सूर्यवंशी को टीम की कप्तानी मिली। इसके चलते उन्होंने इतिहास रच दिया। वह 15 साल की उम्र में सीनियर टीम की कप्तानी करने वाले सबसे युवा कप्तान बने।
लिया सही DRS
इतना ही नहीं, अभी एक और चमत्कार होना बाकी थी। सेंट्रल जोन की पारी का 40वां ओवर करने मुकेश कुमार आए। दूसरी गेंद पर फील्ड अंपायर ने कैच-बिहाइंड अपील खारिज कर दी। इसके बाद वैभव सूर्यवंशी ने रिव्यू लिया। स्लिप में फील्डिंग कर रहे सूर्यवंशी को लगा कि गेंद बल्ले का बाहरी किनारा लेकर विकेट कीपर के दस्तानों में गई है।
लगभग 20 ओवर की कप्तानी
ईस्ट जोन के कार्यवाहक कप्तान और मुकेश के लिए यह बेहद खुशी की बात थी कि रिप्ले में स्पाइक दिखने पर वैभव सूर्यवंशी खुशी से उछल पड़े। उन्होंने खिलाड़ियों के साथ जश्न मनाया जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। सेंट्रल जोन की टीम 40वें ओवर में 99 रन पर 4 विकेट खो बैठी। अच्छी लय में खेल रहे जुयाल अपने अर्धशतक से चार रन पीछे रह गए। वहीं, वैभव सूर्यवंशी ने लगभग 20 ओवर तक टीम की कप्तानी की।
नॉर्थ ईस्ट जोन को दी थी करारी शिकस्त
नॉर्थ ईस्ट जोन के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में वैभव सूर्यवंशी ने बल्ले से निराशाजनक प्रदर्शन किया। राजस्थान रॉयल्स के इस युवा खिलाड़ी ने सिर्फ आठ रन बनाए, लेकिन अपनी बाएं हाथ की स्पिन गेंदबाजी से प्रभावित किया और दो विकेट लिए। ईस्ट जोन ने सिर्फ एक बार बल्लेबाजी करते हुए 467 रन बनाए और नॉर्थईस्ट जोन को एक पारी और 210 रनों से हरा दिया।
आलोचना का होना पड़ा था शिकार
दलीप ट्रॉफी के लिए ईस्ट जोन की टीम में शामिल होने से पहले सूर्यवंशी ने जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज में बल्ले से शानदार प्रदर्शन करते हुए 2अर्धशतक लगाए थे। 15 वर्षीय सूर्यवंशी ने इंग्लैंड में अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की थी, जहां उन्हें काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था। इंग्लैंड में उनका प्रदर्शन प्रभावशाली नहीं रहा और वे अपने तीनों टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 20 से अधिक रन नहीं बना पाए थे।
