भारतीय उपकप्तान तिलक वर्मा ने स्वीकार किया कि बल्लेबाजी क्रम में तीसरे नंबर से पांचवें या छठे नंबर पर उतरना आसान नहीं है लेकिन उन्हें भरोसा है कि अपने कौशल में निखार लाने और मानसिक तैयारी के दम पर वह नयी भूमिका की चुनौतियों पर खरे उतरेंगे। तिलक पिछले कुछ समय से टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में पांचवें या छठे नंबर पर बल्लेबाजी कर रहे हैं। उनके मुताबिक, इस भूमिका में सफल होने के लिए लगातार अपने खेल पर काम करना जरूरी है।
तिलक वर्मा (साभार-X)
वेस्टइंडीज के खिलाफ यहां पांचवां और अंतिम टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला बारिश के कारण रद्द होने के बाद तिलक ने कहा, ’’बल्लेबाजी क्रम में तीसरे नंबर से पांचवें या छठे नंबर पर जाना इतना आसान नहीं है। यह थोड़ी चुनौतीपूर्ण स्थिति होती है लेकिन मैं इस पर काम कर रहा हूं। मैं यह सीखने की कोशिश कर रहा हूं कि मैच को आखिर तक ले जाकर उसे कैसे खत्म किया जाए। मैंने कहा है कि मुझे देश के लिए मैच खत्म करना पसंद है।’’
उन्होंने कहा, ’’एक बल्लेबाज के तौर पर देखें तो मेरे लिए तीसरे नंबर पर खेलना आसान होगा। लेकिन फिलहाल मुझे पांचवें या छठे नंबर पर बल्लेबाजी करनी होगी, क्योंकि शीर्ष क्रम में हमारी टीम का संयोजन ऐसा है।’’ बाएं हाथ के बल्लेबाज तिलक ने छठे नंबर पर नौ मैचों में 65.66 की औसत और 195 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए हैं। वहीं, पांचवें और छठे नंबर पर कुल 26 पारियों में उनका औसत 46 और स्ट्राइक रेट 158 रहा है। ईशान किशन की वापसी, कप्तान श्रेयस अय्यर का चौथे नंबर पर खेलना और अभिषेक शर्मा-संजू सैमसन की सलामी जोड़ी के साथ बने रहने के टीम प्रबंधन के फैसले के कारण तिलक को बल्लेबाजी क्रम में नीचे उतरना पड़ा है।
हैदराबाद के इस बल्लेबाज ने कहा, ’’ईशान अब तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी कर रहे हैं और वहां शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। ऐसे में मेरे पास पांचवें या छठे नंबर पर बल्लेबाजी करके टीम के लिए अपनी भूमिका निभाने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।’’ उन्होंने कहा, ’’मैं मानसिक रूप से इस भूमिका के लिए तैयार हूं। पिछले कुछ मैचों में मैंने इसी क्रम पर खेलते हुए टीम को जीत दिलाई है। इसलिए मुझे भरोसा है कि मैं इस भूमिका में भी अच्छा प्रदर्शन करूंगा।’’
तेईस वर्षीय तिलक ने कहा कि निचले क्रम में बल्लेबाजी की जरूरतों को पूरा करने के लिए वह लगातार अभ्यास कर रहे हैं। उनका जोर अपने शॉट्स के दायरे और कौशल को बेहतर बनाने पर है। उन्होंने कहा, ’’हमें ऐसा करना ही होगा, वरना मुश्किल होगी। जब आप फिनिशर की भूमिका में उतरते हैं और गेंद धीमी गति से आपके शॉट खेलने के दायरे में आती है, तो आपको उसे छक्के के लिए भेजने में सक्षम होना चाहिए। टी20 में पांचवें या छठे नंबर पर बल्लेबाजी करने पर अक्सर पांच से छह ओवर ही खेलने को मिलते हैं।’’
बल्लेबाजी क्रम को लेकर क्या बोले तिलक
तिलक ने कहा, ’’मैंने अपने खेल में बदलाव किए हैं। बचपन में भी मैं इस भूमिका में खेल चुका हूं। मेरे पास मैदान के चारों ओर शॉट खेलने की क्षमता है। मुझे भरोसा है कि मैं तीसरे या पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए खुद को ढाल सकता हूं। एक-दो दिन अभ्यास करने के बाद मैं टीम की जरूरत के मुताबिक किसी भी भूमिका में खेल सकता हूं।’’ उन्होंने कहा, ’’अगर मुझे दोबारा तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करनी पड़े, तो एक-दो दिन अभ्यास करके मैं उस भूमिका में भी ढल सकता हूं। मुझे किसी भी क्रम पर बल्लेबाजी करने का भरोसा है।’’
भारतीय टीम पिछले कुछ महीनों से व्यस्त कार्यक्रम के तहत ब्रिटेन, जापान और भारत में मुकाबले खेल रही है। अब टीम के खिलाड़ी सभी प्रारूपों की शृंखला के लिए जल्द ही न्यूजीलैंड रवाना होंगे। तिलक ने माना कि लगातार क्रिकेट खेलना चुनौतीपूर्ण है, लेकिन उन्होंने कहा कि शीर्ष स्तर पर प्रदर्शन करने के लिए मानसिक रूप से मजबूत रहना जरूरी है।
उन्होंने कहा, ’’यह थोड़ा चुनौतीपूर्ण जरूर है, लेकिन पेशेवर क्रिकेटर होने के नाते हम कोई बहाना नहीं बना सकते। जब हम लगातार शृंखला खेलते हैं, तो अलग-अलग समय क्षेत्रों में यात्रा करनी पड़ती है और कई अन्य चुनौतियां भी होती हैं। अब हम इसके आदी हो चुके हैं। ’’ उन्होंने कहा, ’’ आप देश के लिए और उच्चतम स्तर पर खेल रहे हैं। इसलिए किसी भी चुनौती और परिस्थिति के लिए खुद को तैयार करने के वास्ते मानसिक रूप से मजबूत होना जरूरी है। इससे आप एक बेहतर खिलाड़ी बन सकते हैं।’’
भारत-वेस्टइंडीज सीरीज में क्या रहा पॉजिटिव
तिलक को उम्मीद है कि वेस्टइंडीज के खिलाफ शृंखला में मिली सकारात्मक चीजों का भारतीय टीम न्यूजीलैंड दौरे पर भी दोहराएगी। उन्होंने कहा, ’’इस शृंखला में कई अच्छी बातें देखने को मिलीं। खासकर बल्लेबाजी में हमने हर मैच में 200 से अधिक रन बनाए। यह बड़ी सकारात्मक बात है। हमारे पास नियमित ऑलराउंडर नहीं था और हमने नीतीश (रेड्डी) तथा शिवम दुबे, दोनों को मौका दिया। दोनों ने अच्छा प्रदर्शन किया।’’ उन्होंने कहा, ’’नमन धीर ने भी दबाव में अच्छी गेंदबाजी की। ऑफ स्पिनर के तौर पर दाएं हाथ के बल्लेबाजों के खिलाफ और वेस्टइंडीज जैसी मजबूत टीम के सामने गेंदबाजी करना आसान नहीं होता।’’
तिलक ने कहा कि टीम ने गेंदबाजी में भी कुछ कमियों पर विचार किया है और उम्मीद जताई कि भारतीय खिलाड़ी न्यूजीलैंड दौरे पर बेहतर प्रदर्शन करेंगे।
