Sunil Gavaskar Angry: भारत और इंग्लैंड के बीच चल रही टेस्ट श्रृंखला के तीसरे मुकाबले में एक बार फिर ऋषभ पंत ने अपनी बल्लेबाज़ी से संकट में फंसी टीम इंडिया को उबारा, लेकिन उनके खिलाफ अपनाई गई इंग्लैंड की रणनीति से भारतीय क्रिकेट के दिग्गज सुनील गावस्कर काफी नाराज़ दिखे। उन्होंने इस रणनीति को ‘क्रिकेट की भावना के खिलाफ’ बताया।
सुनील गावस्कर, ऋषभ पंत और सौरव गांगुली (फोटो- PTI/IANS/AP)
चोटिल पंत के खिलाफ बाउंसरों की बौछार
ऋषभ पंत पहले ही जसप्रीत बुमराह की गेंद पर चोटिल होकर विकेटकीपिंग से बाहर हो गए थे। उन्हें अंगुली में चोट लगी थी और वह दर्द से कराहते नज़र आए। इसके बावजूद उन्होंने बल्लेबाज़ी करते हुए 112 गेंदों में 74 रन की बहुमूल्य पारी खेली। इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने जानबूझकर पंत के लिए बाउंसरों की योजना बनाई और चार फील्डरों को बाउंड्री लाइन पर तैनात किया।
गावस्कर का तीखा बयान – "यह क्रिकेट नहीं है"
कॉमेंट्री के दौरान सुनील गावस्कर ने इंग्लैंड की रणनीति पर सख्त ऐतराज़ जताया। उन्होंने कहा कि “आज की गेंदबाज़ी में 56 प्रतिशत बॉल्स शॉर्ट डाली गई हैं। चार फील्डर बाउंड्री पर सिर्फ बाउंसर का इंतज़ार कर रहे हैं। मेरे हिसाब से ये क्रिकेट नहीं है। जब वेस्टइंडीज ऐसा कर रही थी, तब दो बाउंसर प्रति ओवर का नियम लाया गया था। फिर अब यह क्यों चल रहा है?”
गांगुली से की खास अपील
सुनील गावस्कर ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए आईसीसी पुरुष क्रिकेट समिति के चेयरमैन सौरव गांगुली से विशेष अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि “मैं सौरव गांगुली से अनुरोध करूंगा कि अगली बार इस पर ध्यान दें। इस तरह से चार-पांच फील्डर लेग साइड की बाउंड्री पर नहीं होने चाहिए। अधिकतम छह फील्डर ही लेग साइड पर होने चाहिए।”उन्होंने कहा कि इस तरह की फील्डिंग और गेंदबाज़ी से क्रिकेट का संतुलन बिगड़ रहा है, और नियमों में बदलाव की आवश्यकता है।
पंत-राहुल की साझेदारी ने भारत को उबारा
ऋषभ पंत ने केएल राहुल के साथ मिलकर भारत को एक समय गंभीर संकट से बाहर निकाला। दोनों ने मिलकर चौथे विकेट के लिए 141 रन की अहम साझेदारी की। राहुल ने इस पारी में इतिहास रचते हुए लॉर्ड्स मैदान पर अपना दूसरा टेस्ट शतक जमाया। वह ऐसा करने वाले पहले एशियाई सलामी बल्लेबाज़ और दिलीप वेंगसरकर के बाद दूसरे भारतीय बने जिनके नाम इस मैदान पर दो शतक हैं। वेंगसरकर के नाम लॉर्ड्स पर तीन शतक दर्ज हैं।
बराबरी पर टिका मैच
इंग्लैंड की पहली पारी 387 रनों पर समाप्त हुई थी, जिसके जवाब में भारत की टीम भी उतने ही रनों पर ऑलआउट हो गई। इसके बाद इंग्लैंड की बल्लेबाजी शुरू हो गई है और मैच बराबरी पर टिका है।
