नई दिल्ली: भारत के दिग्गज स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने गुरुवार को कहा कि वनडे और टी20 विश्व कप प्रारूपों में अधिक टीमों को शामिल करने के लिए किए गए संरचनात्मक बदलाव समझ में आते हैं, लेकिन खेल को सही मायने में वैश्विक बनाने के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) को हर द्विपक्षीय श्रृंखला में एसोसिएट देशों की टीमों को भी शामिल करना होगा।
रविचंद्रन अश्विन (फोटो क्रेडिट CSK X)
आईसीसी ने बुधवार को वनडे और टी20 विश्व कप के प्रारूप में बदलाव की घोषणा की। इसके अनुसार 2027 में होने वाला वनडे विश्व कप तीन चरणों में खेला जाएगा जबकि 2028 में होने वाले टी20 विश्व कप के सुपर आठ चरण में अब 10 टीम को शामिल किया जाएगा। अश्विन ने एक्स पर पोस्ट किया,'आईसीसी के 2027 के वनडे विश्व कप और 2028 में होने वाले टी20 विश्व कप के लिए कार्यक्रम के प्रारूप में किए गए बदलाव प्रतिस्पर्धा की दृष्टि से उचित हैं। लेकिन अगर अंतिम लक्ष्य खेल को बढ़ावा देना है, तो उभरते हुए देशों को मजबूती से आगे बढ़ाना होगा।'
अश्विन ने कहा,'नीदरलैंड, स्कॉटलैंड, नेपाल, अमेरिका और आयरलैंड जैसी टीमों को केवल क्वालीफाइंग टूर्नामेंट ही नहीं, बल्कि अधिक सार्थक मैचों की जरूरत है। (उदाहरण के लिए: प्रत्येक द्विपक्षीय श्रृंखला में तीसरी टीम के रूप में शामिल करना)।'
आईसीसी द्वारा वनडे वर्ल्ड कप के फॉर्मेट में किए बदलाव के मुताबिक साल 2027 के विश्व कप में खेलने वाली 14 टीमों में से आखिरी तीन (जो कि मूल रूप से एसोसिएट नेशन की टीमें होती हैं) पहले राउंड में एक दूसरे से भिड़ेंगी। तीन टीमों में से एक टीम दूसरे दौर में यानी टॉप-12 में पहुंचने में सफल होगी। इन 12 टीमों में से सुपर-7 राउंड की टीमें डिसाइड होंगे। इस बदलाव के बाद छोटी टीमों को चार साल के अंतराल में बड़ी टीमों के खिलाफ खेलने के जो मौके मिलते थे उसमें कमी आ जाएगी। ऐसे में उनके लिए वैकल्पिक व्यवस्था करनी होगी तभी क्रिकेट का वैश्विक स्तर पर विकास हो सकता है। इसी वजह से अश्विन ने आईसीसी के सामने बड़ी मांग रख दी है।
(भाषा)
