/नई दिल्ली: 22 जून, 1996 को भारतीय क्रिकेट इतिहास में हमेशा के लिए सौरव गांगुली ने अपने डेब्यू टेस्ट मैच में शतक जड़कर यादगार बना दिया था। कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन के साथ खींचातनी के बीच नवजोत सिंह सिद्धू ने अचानक इंग्लैंड दौरे के बीच अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया था।
सौरव गांगुली
हाथ आए मौके को गांगुली ने नहीं जाने दिया खाली
पहले टेस्ट में 8 विकेट से हार का सामना करने के बाद टीम इंडिया सीरीज में 0-1 से पिछड़ रही थी। ऐसे में अजहरुद्दीन ने दो नए खिलाड़ियों सौरव गांगुली और राहुल द्रविड़ को टेस्ट डेब्यू का एक साथ मौका दिया। दोनों ही खिलाड़ियों ने पहले टेस्ट मैच में अपनी छाप छोड़कर ये साबित कर दिया कि दोनों लंबी रेस के घोड़े हैं। दोनों ने डेब्यू टेस्ट में शानदार प्रदर्शन किया और भारतीय टीम को हार से बचा लिया। सौरव गांगुली ने जहां लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर अपने करियर की पहली पारी में शानदार शतक जड़कर इतिहास रच दिया। वो लॉर्ड्स में टेस्ट शतक जड़ने वाले पहले भारतीय बने। वहीं राहुल द्रविड़ ऐसा करने से चूक गए। मैच की पहली पारी में द्रविड़ ने 95 और दूसरी में 84 रन की पारी खेली।
श्रीनाथ और प्रसाद ने ढाया था कहर
मैच में भारत ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया। ऐसे में इंग्लैंड ने वेंकटेश प्रसाद और जवागल श्रीनाथ की शानदार गेंदबाजी की बदौलत मेजबान टीम को 344 रन पर ढेर कर दिया। वेंकटेश के खाते में 5 और श्रीनाथ के थाते में तीन विकेट गए थे। सौरव गांगुली ने भी दो विकेट अपने नाम किए। विकेटकीपर बल्लेबाज जैक रसेल ने 124 और ग्राहम थोर्प ने 89 रन की पारी खेलकर टीम को मुश्किल से उबारा और टीम को 300 रन के पार पहुंचाया। 107 के स्कोर पर ही इंग्लैंड के पांच खिलाड़ी पवेलियन वापस लौट चुके थे।
लॉर्ड्स में टेस्ट शतक जड़ने वाले पहले भारतीय
इसके बाद बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत खराब रही और 25 रन पर विक्रम राठौड़ पवेलियन लौट गए। ऐसे में पहली बार मैदान पर सफेद जर्सी पहनकर बल्लेबाजी करने सौरव गांगुली उतरे। सौरव गांगुली ने इसके बाद एक छोर संभाल लिया और ऑफ साइड में शानदार ड्राइव शॉट्स खेलकर दर्शकों के मन मोह लिए। वो एक छोर पर टिके रहे और दूसरे छोर से विकेट गिरते गए। 202 के स्कोर पर उनका साथ देने राहुल द्रविड़ आए। दोनों ने मिलकर टीम को 300 रन के करीब पहुंचाया। सौरव गांगुली 301 गेंद पर 131 रन बनाकर एलन मुलाली की गेंद पर बोल्ड होकर पवेलियन वापस लौटे।
द्रविड़ डेब्यू में शतक से चूके
गांगुली के आउट होने के बाद राहुल द्रविड़ ने एक छोर संभाले रखा और पुछल्ले बल्लेबाजों के साथ बल्लेबाजी करते हुए टीम के स्कोर को 400 के पार पहुंचा दिया। लेकिन वो दुर्भाग्यशाली रहे और अपने डेब्यू टेस्ट में शतक जड़ने से महज 5 रन दूर रह गए। लुईस ने उन्हें विकेट के पीछे जैक रसेल के हाथों कैच करा दिया। द्रविड़ ने अपनी पारी में 267 गेंद में 95 रन बनाए और इस दौरान 6 चौके जड़े।
अपने नाम किए थे गांगुली ने ये रिकॉर्ड
सौरव गांगुली लॉर्ड्स में टेस्ट शतक जड़ने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बनने के साथ साथ डेब्यू टेस्ट में शतक जड़ने वाले 10वें भारतीय बने थे। वो अपनी डेब्यू पारी में शतक जड़ने वाले सातवें भारतीय भी बने। गांगुली अपने डेब्यू टेस्ट में सैकड़ा जमाने वाले दुनिया के 61वें प्लेयर थे। इस पारी के बाद गांगुली ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। सीरीज के अगले टेस्ट में उन्होंने लगातार दूसरा शतक जड़ दिया। इसके चार साल बाद वो भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान भी बने और भारतीय क्रिकेट को उन्होंने हमेशा के लिए बदलकर रख दिया।
