26 जून 2022, एक ऐसी तारीख जब उम्मीद से परे मध्यप्रदेश ने 41 बार की चैंपियन टीम मुंबई को हराकर पहली बार रणजी ट्रॉफी का खिताब जीता। कहते हैं पंडित जी के हाथ में जादू है और एक बार फिर यही हुआ। मध्यप्रदेश पहली बार रणजी ट्रॉफी का चैंपियन बना। इसके लिए रणजी ट्रॉफी का काफी लंबा इंतजार करना पड़ा। टीम इससे पहले 23 साल पहले फाइनल में पहुंची थी, जहां उसे कर्नाटक के हाथो हार मिली थी। इस मैच में 41 बार की रणजी चैंपियन मुंबई ने पहले बल्लेबाजी करते हुए सरफराज खान के 134 और यशस्वी जायसवाल के 78 रन की पारी के दम पर 374 रन बनाए।
मुंबई को हरा पहली बार चैंपियन बनी थी एमपी (साभार-Twitter)
मध्यप्रदेश को करारा जवाब
मुंबई के 374 रन के जवाब में मध्यप्रदेश ने करारा जवाब देते हुए 536 रन का विशाल स्कोर बनाया। मध्यप्रदेश की तरफ से 1-2 नहीं बल्कि 3 बल्लेबाजों ने शतक जड़ा। सर्वाधिक 133 रन की पारी यश दुबे ने खेली। यश के अलावा शुभम शर्मा और रजत पाटीदार ने शतक जड़ा। शुभम ने 116 और पाटीदार ने 122 रन की पारी खेली।
दूसरी पारी में सस्ते में सिमटी मुंबई टीम
दूसरी पारी में मुंबई को बड़ा स्कोर बनाने की दरकार थी, लेकिन मध्यप्रदेश के गेंदबाजों के सामने उसकी एक न चली और पूरी टीम केवल 269 रन बनाकर ढेर हो गई। दूसरी पारी में सुवेद पार्कर ने सर्वाधिक 51 रन की पारी खेली। कुमार कार्तिकेय ने 4 विकेट झटके थे।
मध्यप्रदेश के सामने 108 रन का लक्ष्य
मध्यप्रदेश के सामने आखिरी दिन जीत के लिए 108 रन का लक्ष्य था, जिसे उसने 29.5 ओवर में 4 विकेट के नुकसान पर हासिल कर लिया। रजत पाटीदार ने नाबाद 30 और आदित्य श्रीवास्तव ने 1 रन की पारी खेली। हालांकि, मुंबई के बल्लेबाज सरफराज खान को प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया। उन्होंने 4 शतक सहित 982 रन बनाए।
