क्रिकेट में इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया की राइवलरी सबसे बड़ी मानी जाती है। एशेज में जब दोनों टीम भिड़ती है तो फैंस के लिए यह माहौल उत्सव से कम नहीं होता, लेकिन जब भारत और पाकिस्तान की टीम एक दूसरे के सामने होती है तो एशेज का रोमांच भी थोड़ा फीका पड़ जाता है। 18 जून की तारीख भी क्रिकेट फैंस के लिए किसी ट्रीट से कम नहीं था, जब ओवल के मैदान पर दोनों आमने-सामने आए थे।
भारत-पाकिस्तान चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल (साभार-ICC)
180 रन से जीता था पाकिस्तान
मैच से पहले हमेशा की तरह टीम इंडिया का पलड़ा भारी नजर आ रहा था, लेकिन किसे पता था कि फखर जमां ने आज का ही दिन चुना है। उन्होंने अजहर अली के साथ पहले विकेट के लिए 128 रन की साझेदारी की और पाकिस्तान को बेहतरीन शुरुआत दिलाई। नतीजा फखर जमां की 106 गेंद में 117 रन की बेजोड़ पारी के दम पर पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 4 विकेट के नुकसान पर 338 रन बनाए और भारत के सामने 339 रन का विशाल लक्ष्य रखा।
मोहम्मद आमिर और हसन अली का जलवा
भारतीय बैटिंग लाइनअप को देखते हुए लक्ष्य मुश्किल तो था, लेकिन नामुमकिन बिल्कुल नहीं था, लेकिन इसे मोहम्मद आमिर और हसन अली की जोड़ी ने मिलकर असंभव बना दिया। दोनों ने मिलकर 6 विकेट लिए और टीम इंडिया के बल्लेबाजी क्रम की कमर ही तोड़ दी। हार्दिक पांड्या को छोड़कर कोई भी भारतीय बल्लेबाज रन नहीं बना पाया। उन्होंने 43 गेंद पर 76 रन की पारी खेली। विराट कोहली, रोहित शर्मा, शिखर धवन, युवराज सिंह और कप्तान एमएस धोनी सबने अपने हाथ खड़े कर दिए। टीम इंडिया सौ रन तक भी नहीं पहुंच पाती, यदि हार्दिक पांड्या ने लाज न बचाई होती। नतीजा पूरी टीम 30.3 ओवर में केवल 158 रन बनाकर ढेर हो गई। पाकिस्तान ने यह मुकाबला 180 रन के बड़े अंतर से जीता और चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब अपने नाम किया।
