स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। भारत के तेज गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्केल ने पांचवें और आखिरी टी20 मैच से पहले शुक्रवार को गेंदबाजों की तारीफ की। उन्होंने कहा कि व्यस्त शेड्यूल के कारण होने वाली मानसिक थकान के बावजूद, वे टीम के लिए लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।
वेस्टइंडीज के खिलाफ मैच के दौरान भारतीय खिलाड़ी। फोटो- BCCI
पिछले कुछ महीनों में भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी काफी व्यस्त रहे हैं। उन्होंने कई द्विपक्षीय सीरीज खेली हैं और साथ ही जापान में हुए एशियाई खेलों में भी हिस्सा लिया है। बेंगलुरु में पांचवें T20I मैच से एक दिन पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में मोर्केल ने कहा, मैं सोशल मीडिया पर लिखी हर बात पढ़ता हूं। हम अक्सर एक बात भूल जाते हैं कि मानसिक थकान का बहुत बड़ा असर होता है। हमें इसे मैनेज करना होता है और इसके लिए समझदारी से काम लेना पड़ता है। अगर आप इस T20 टीम को देखें, तो कुछ खिलाड़ी एशियाई खेलों में गए थे और वहां से सीधे आकर अब एक पूरी सीरीज खेल रहे हैं।
'ये खिलाड़ी भी इंसान'
उन्होंने आगे कहा, इसके बाद उन्हें एक प्रेजेंटेशन (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मुलाकात) के लिए दिल्ली जाना पड़ा और फिर सुबह वापस यहां आना पड़ा। अब, हमें उन्हें एक मैच के लिए तैयार करना है। तो, यही हकीकत है और ये खिलाड़ी भी इंसान ही हैं।
'व्यस्त शेड्यूल'
मोर्केल ने इस बात पर जोर दिया कि अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए खिलाड़ियों को मैचों के बीच रिकवर होने के लिए पर्याप्त समय मिलना चाहिए। गेंदबाजी कोच ने कहा, मेरे हिसाब से, आपका प्रदर्शन और आपकी स्किल्स तब बेहतर होती हैं जब आप अच्छी तरह रिकवर हो चुके हों, आपने अच्छी नींद ली हो और आप मानसिक रूप से तरोताजा हों। यही एक चुनौती है। अब हम न्यूजीलैंड के लिए उड़ान भरने वाले हैं, वहां भी शेड्यूल बहुत व्यस्त है।
'मेरे मन में बहुत सम्मान'
आगे भी व्यस्त शेड्यूल को देखते हुए, दक्षिण अफ्रीका के इस पूर्व तेज गेंदबाज ने लोगों से अपील की कि वे टीम की गेंदबाजी के प्रदर्शन की आलोचना करते समय संयम बरतें। उन्होंने कहा, कभी-कभी यह एक पेचीदा मामला हो जाता है। इसलिए, जिस तरह का शेड्यूल है, उसे देखते हुए टीम इंडिया के लिए ये खिलाड़ी जो प्रदर्शन कर रहे हैं, उसके लिए मेरे मन में उनके प्रति बहुत सम्मान है।
'उम्मीदों का दबाव होता है'
मोर्केल ने आगे कहा, यही वजह है कि मुझे लगता है कि हमें उन्हें कभी-कभी गलती करने या किसी मैच में खराब प्रदर्शन करने की छूट देनी चाहिए। हमें उन पर बहुत ज्यादा दबाव नहीं डालना चाहिए, क्योंकि इन खिलाड़ियों पर पहले से ही काफी मानसिक बोझ और उम्मीदों का दबाव होता है।
