भारत ने स्मृति मंधाना के नेतृत्व में तीसरा और आखिरी मुकाबला 92 रन से जीतकर 3 मैच की टी20 सीरीज में जिम्बाब्वे का सूपड़ा साफ कर दिया। जिम्बाब्वे के सामने जीत के लिए 217 रन का विशाल लक्ष्य था, लेकिन पूरी टीम 20 ओवर में 7 विकेट के नुकसान पर 124 रन ही बना पाई। भारत ने यह मुकाबला 92 रन से अपने नाम किया जो घर पर टीम की सबसे बड़ी जीत है। जिम्बाब्वे की ओर से सर्वाधिक 60 रन की पारी शार्ने मायर्स ने खेली। मायर्स के अलावा बिलव्ड बीजा ने 44 रन की पारी खेली। भारत की ओर से नंदिनी शर्मा ने सर्वाधिक 3 विकेट चटकाए।
स्मृति मंधाना (साभार-X)
इससे पहले भारत ने सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा के 37 गेंदों में 69 और पूर्व कप्तान हरमनप्रीत कौर के 41 गेंदों में नाबाद 91 रन की विस्फोटक पारी के दम पर सात विकेट के नुकसान पर 216 रन बनाए। भारतीय कप्तान स्मृति मंधाना ने बल्लेबाजों को अधिक मौके देने के उद्देश्य से टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया।
उन्होंने खुद को डिमोट करते हुए अनुष्का शर्मा (20 गेंदों में 28 रन) को शेफाली के साथ बल्लेबाजी का आगाज करने के लिए भेजा। शेफाली ने लगातार दूसरा अर्धशतक बनाकर भारत की पारी को आगे बढ़ाया। अनुष्का और शेफाली ने 32 गेंदों में 54 रन की साझेदारी करके पारी की अच्छी नींव रखी। अनुष्का ने पांचवें ओवर में टेंडाई मकुशा की गेंद पर जोरदार छक्का जड़ा। दूसरी ओर शेफाली ने भी तूफानी बल्लेबाजी की और अपने पांचों छक्के डीप मिड-विकेट के ऊपर से लगाए। भारतीय सलामी बल्लेबाज ने स्पिनरों के खिलाफ स्वीप शॉट का भी प्रभावी ढंग से इस्तेमाल किया।
शेफाली के आउट होने के बाद हरमनप्रीत ने कमान संभाली। उन्होंने भी अपनी पारी में पांच छक्के लगाए। विकेट बल्लेबाजी के लिए अनुकूल था जिसमें हरमनप्रीत ने अपने आक्रामक कौशल का शानदार नमूना पेश किया और भारत को 200 रन के पार पहुंचा दिया। यह टी20 में भारत का तीसरा सबसे बड़ा स्कोर था।
