पूर्व भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने मंगलवार को जिम्बाब्वे के खिलाफ तीसरे टी20 मुकाबले में 91 रन की शानदार पारी खेली। पहली पारी खत्म होने के बाद जब हरमनप्रीत कौर इस इनिंग को लेकर प्रतिक्रिया दे रही थीं तो वह इस दौरान भावुक हो गईं, हालांकि उन्होंने किसी तरह अपने आंसू छुपा लिए। कप्तानी छोड़ने की घोषणा के बाद हरमनप्रीत का यह पहला मौका था, जब वह सार्वजनिक मंच पर अपनी प्रतिक्रिया दे रही थीं। शेफाली के साथ तीसरे विकेट के लिए 84(41)रन की साझेदारी करने वाली हरमन ने केवल 41 गेंदों में 91 रनों की तूफानी पारी खेली। इस पारी में उन्होंने 10 चौके और छह छक्के जड़े। 37 वर्षीय हरमनप्रीत की इस बेहतरीन पारी की बदौलत भारत ने 216 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया।
हरमनप्रीत कौर (साभार-X)
अपनी इस पारी पर बोलते हुए हरमन ने कहा 'बहुत अच्छा लग रहा है। मैं बस खुद को एंज्वॉय कर रही थी। वीवी रमन के सवाल पूछने पर उन्होंने उनको इसका श्रेय दिया। हरमन ने कहा 'मुझे लगता है कि मुझे आपको भी श्रेय देना चाहिए। जब हम बल्लेबाजी के लिए आ रहे थे तब आपने कहा, 'अब आप जो चाहें करें,' और मैं वही करना चाहती हूं, और सच में खुद का आनंद लेना चाहती हूं। उन शब्दों के लिए धन्यवाद।
भावुक हुईं हरमन
अपनी तैयारी पर हरमन ने कहा 'दो मैचों के बाद, मुझे नेट में कुछ समय मिला। मैं हिमांशु भैया को धन्यवाद देना चाहती हूं, जो मुझ पर बहुत मेहनत कर रहे हैं और आज की बल्लेबाजी उन्हीं की वजह से है। आज हमने खुलकर अपना खेल खेला। हरमन जब ये सब बोल रही थीं तो वह इस दौरान भावुक थीं और उनकी आंखों में आंसू थे, जिन्हें वह अपनी आस्तीन से पोंछने की कोशिश कर रही थीं। बातचीत के अंत में, भारतीय क्रिकेट की इस दिग्गज खिलाड़ी ने माइक किसी की ओर फेंक दिया और तुरंत कैमरों से दूर चली गईं।
कप्तानी छोड़ने के बाद पहला अर्धशतक
जिम्बाब्वे के खिलाफ खेली गई यह पारी कप्तानी छोड़ने के बाद उनका पहला अर्धशतक है। यह पारी एशिया कप और एशियाई खेलों में उनकी कप्तानी के दौरान बल्ले से खराब प्रदर्शन के बाद आई। महीने की शुरुआत में हरमनप्रीत ने सभी फॉर्मेट की कप्तानी से इस्तीफा दे दिया था। भारतीय क्रिकेट की इस दिग्गज खिलाड़ी ने 10 वर्षों तक टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में टीम की कप्तानी की, जबकि मिताली राज के बाद साल 2022 से वह तीनों फॉर्मेट में टीम का नेतृत्व कर रही थीं।
विमेंस क्रिकेट में हरमन का रोल
हरमनप्रीत की कप्तानी में भारत ने पिछले साल वनडे वर्ल्ड कप की ट्रॉफी उठाई। इसके अलावा उनके नेतृत्व में भारत ने चार एशिया कप खिताब और दो एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल जीते। उन्होंने 155 टी20 अंतरराष्ट्रीय, 46 वनडे और 5 टेस्ट मैचों में टीम की कप्तानी की।
