वीरेंद्र सहवाग ने अपने खेल के दिनों में जो छवि फैंस के मन में बनाई थी, वो कहीं ना कहीं उनके बेटे आर्यवीर पूरा नहीं कर पा रहे थे, लेकिन वो कहते हैं कि देर आए दुरुस्त आए। विनू मांकड़ ट्रॉफी में दिल्ली की कप्तानी कर रहे आर्यवीर में आखिरकार सहवाग वाली झलग देखने को मिली। चंडीगढ़ के खिलाफ इस मुकाबले में दिल्ली की टीम ने टॉस जीता और पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। पहले बल्लेबाजी करते हुए दिल्ली ने आर्यवीर की कप्तानी पारी के दम पर 6 विकेट के नुकसान पर 289 रन की पारी खेली। आर्यवीर के अलावा अर्नव बग्गा ने 47 और शांतनू यादव ने 27 रन की पारी खेली। चंडीगढ़ की ओर से रुपेश यादव ने दो जबकि गगनप्रीत और अभय सिंह ने 1-1 विकेट चटकाया।
आर्यवीर सहवाग (साभार-X)
आर्यवीर की शतकीय पारी
आर्यवीर से जिस तरह की तूफानी बल्लेबाजी की उम्मीद फैंस कर रहे थे आखिकार वो इस मुकाबले में देखने को मिली। आर्यवीर ने 121.00 की स्ट्राइक से 143 गेंद में 173 रन की तूफानी पारी खेली। आर्यवीर ने अपनी पारी में 19 चौके और 8 छक्के जड़े। सहवाग ने 173 में से 124 गेंद बाउंड्री से जड़े हैं। ये अंडर-19 क्रिकेट में आर्यवीर का पहला शतक है जो तूफानी अंदाज में आया है। इससे पहले 3 मैच में उन्होंने 103.80 की स्ट्राइक रेट से 109 रन बनाए थे। इस दौरान उनका सर्वाधिक व्यक्तिगत स्कोर 47 रन था। लेकिन अब लगता है कि जिस स्टार्ट की तलाश आर्यवीर को थी वो उन्हें मिल गई है।
मैच की बात करें तो 290 रन का पीछा करते हुए चंडीगढ़ ने यह लक्ष्य 5 विकेट खोकर 41.3 ओवर में हासिल कर लिया। चंडीगढ़ की ओरे रुपेश ने 167 रन की पारी खेली जबकि मीट दहिया ने 63 रन की पारी खेली। भले दिल्ली को इस मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा, लेकिन आर्यवीर का फॉर्म में आना आने वाले समय के लिए दिल्ली टीम के लिए अच्छा रहेगा।
