सैयारा देखकर रोने वाले GenZ को नहीं पता होगा कि वनडे क्रिकेट में भारत की ओर से सबसे तेज अर्धशतक और सबसे तेज 50 विकेट लेने का रिकॉर्ड अजीत अगरकर के नाम है। 26 साल पहले बनाए गए इस रिकॉर्ड को आजतक कोई भी नहीं तोड़ पाया है और शायद वो भी कोई नहीं कर पाएगा जो बतौर चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर भारतीय क्रिकेट के लिए करके चले गए। 4 अक्टूबर वो तारीख जब चीफ सेलेक्टर आखिरी बार इस कुर्सी पर बैठे तो लोग बीते 3 साल में उनके द्वारा लिए गए कुछ फैसलों को याद कर रहे थे। इन 3 सालों के दौरान अगरकर ने कुछ ऐसे फैसले लिए जो पहली नजर में कठोर लगे, लेकिन उसका दूरगामी परिणाम भारतीय क्रिकेट की हित में रहा।
अगरकर के कुछ चुभने वाले फैसले
जुलाई 2023 में अगरकर ने बतौर चीफ सेलेक्टर कार्यभार संभाला था और अक्टूबर 2026 तक वह इस पद पर बने रहे। लेकिन इस दौरान उन्होंने कई बड़े फैसले लिए जो सवालों के घेरे में आए। जब कुछ हफ्ते के भीतर रोहित और विराट ने टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहा तो टेस्ट क्रिकेट में इस बदलाव के पीछे अगरकर की भूमिका बताई गई। कोहली जैसे विराट कद वाले खिलाड़ी को यह कहना कि टीम टेस्ट क्रिकेट में अब उनके इतर सोच रही है, ये कह पाना किसी सेलेक्टर के लिए आसान नहीं था। अगरकर ने बिना किसी दबाव और बाहरी प्रभाव के ऐसा किया।
AJIT AGARAKAR
दूसरा फैसला एक ऐसे कप्तान को कप्तानी से हटाना था जिन्हें खिलाड़ियों ने खुद प्लेयर्स कैप्टन का तमगा दिया। रोहित को जब वनडे टीम की कप्तानी से हटाया गया तो उनकी कप्तानी में चैंपियंस ट्रॉफी जीते कुछ ही महीने हुए थे। लेकिन अगरकर ने वनडे वर्ल्ड कप 2027 को ध्यान में रखते हुए यह बोल्ड डिसीजन लिया और शुभमन गिल को कप्तानी सौंपी। वर्ल्ड कप 2027 के मद्देनजर यह एक शानदार फैसला था।
तीसरा बड़ा फैसला सबसे चौंकाने वाला रहा जब टी20 वर्ल्ड कप विनिंग कप्तान को ना केवल कप्तानी से हटाया गया बल्कि अगले ही दौरे पर उन्हें टीम में भी नहीं चुना। सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारतीय टीम ने 2026 टी20 वर्ल्ड कप जीता था, लेकिन वर्ल्ड कप के बाद जब आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए टीम चुनी गई तो उसमें सूर्यकुमार यादव नहीं थे। बाद में सूर्या ने खुद माना कि इस फैसले को पचाने में उन्हें कई हफ्ते लग गए।
agarkar report card
बड़े फैसले का मिला शानदार रिवॉर्ड
अजीत अगरकर के कड़े और बड़े फैसले को आप भूल जाएंगे जब उनके कार्यकाल के दौरान उनके द्वारा चुनी गई टीम की उपलब्धियों को देखेंगे। अगरकर के कार्यकाल के दौरान टीम इंडिया ने दो एशिया कप, एशियन गेम्स में दो गोल्ड मेडल, दो टी20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी, एक चैंपियंस ट्रॉफी अपने नाम किए। इसके अलावा वनडे वर्ल्ड कप 2023 में टीम बिना एक भी मैच गंवाए फाइनल तक पहुंची। फाइनल में अगर टीम इंडिया ऑस्ट्रेलिया की बाधा को पार कर जाती तो शायद अगरकर के केबिनेट में ये सबसे बड़ी ट्रॉफी होती।
खिलाड़ी पर भारी चीफ सेलेक्टर की लोकप्रियता
अजीत अगरकर ने भारत के लिए 349 अंतरराष्ट्रीय विकेट झटके। तीनों फॉर्मेट में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले अगरकर ने भारत के लिए 46 टेस्ट, 191 वनडे और 4 टी20 मैच में क्रमश: 58, 288 और 3 विकेट झटके। बल्लेबाजी में अगरकर ने टेस्ट में 571 रन, वनडे में 1269 रन और टी20 अंतरराष्ट्रीय में 15 रन बनाए। इसके अलावा फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 299 और लिस्ट ए क्रिकेट में 420 विकेट झटके। अगरकर चर्चा के केंद्र में तब उतना नहीं रहे जितना उन्होंने बतौर चीफ सेलेक्टर सुर्खियां बटोरी। यही कारण है कि मौजूदा पीढ़ी उन्हें एक खिलाड़ी के तौर पर याद रखे या ना रखे चीफ सेलेक्टर के तौर पर भुला नहीं पाएंगे।
