सिस्टम से हारा चैंपियन: भारत के लिए 4 गोल्ड जीतने वाला खिलाड़ी सड़क किनारे सब्जी बेचने को मजबूर

Amardeep Kumar Throwball: अमरदीप ने साल 2015 में मलेशिया में एशियन जूनियर थ्रोबॉल चैंपियनशिप में भारत के लिए पहला गोल्ड मेडल जीता। फिर 2017 में काठमांडू में इंडो-नेपाल चैंपियनशिप में गोल्ड, 2019 में बेंगलुरु में साउथ एशियन चैंपियनशिप और 2026 में अपने ही शहर रांची में फिर से साउथ एशियन में गोल्ड जीतकर भारत का नाम रौशन किया।

Amardeep Kumar Throwball: रांची के अरगोड़ा चौक पर शाम होते ही एक शख्स इन दिनों सड़क किनारे सब्जी का ठेला लगाए नजर आता है। 29 साल का यह शख्स कोई आम विक्रेता नहीं बल्कि भारत को चार गोल्ड मेडल जिता चुका है। यह शख्स सुबह उठकर झारखंड की सड़कों पर कैब चलाता है और शाम होने के बाद मजबूरन सब्जियां बेचता है। इस खिलाड़ी का नाम अमरदीप कुमार है, जिसने भारत के लिए थ्रोबॉल में चार-चार इंटरनेशनल गोल्ड मेडल जीता है।भारत के लिए चार गोल्ड मेडल जीतने वाला चैंपियन खिलाड़ी सिस्टम से इस कदर मजबूर है कि अपने ही राज्य में एक अदद नौकरी के लिए भटक रहा है।

Amardeep Kumar

सब्जी बेचने पर मजबूर चैंपियन खिलाड़ी (फोटो साभार- AI/X)

सब्जी बेच रहा गोल्ड जीतने वाला खिलाड़ी

अमरदीप कुमार को 13 साल की उम्र में जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में एक लोकल कोच ने देखा था और उन्हें फ्री ट्रेनिंग का ऑफर दिया था। उनके पिता तब सब्जी बेचने का काम करते थे। हालांकि, अमरदीप ने अपने टैलेंट के दम पर थ्रोबॉल ने अपना बना लिया। अमरदीप ने इतनी मेहनत की और सीधा इंडिया टीम में जगह बना ली। इसके बाद उन्होंने साल 2015 में मलेशिया में एशियन जूनियर थ्रोबॉल चैंपियनशिप में भारत के लिए पहला गोल्ड मेडल जीता। फिर 2017 में काठमांडू में इंडो-नेपाल चैंपियनशिप में गोल्ड, 2019 में बेंगलुरु में साउथ एशियन चैंपियनशिप और 2026 में अपने ही शहर रांची में फिर से साउथ एशियन में गोल्ड जीतकर भारत का नाम रौशन किया।

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