चुनाव जीतने के पहले और बाद में कामाख्या मंदिर क्यों जाते हैं राजनेता? असम की राजनीति का क्या है इस शक्ति पीठ से संबंध

Why politicians visit Kamakhya Temple : असम की राजनीति का रास्ता कामख्या मंदिर से होकर जाता है। जो भी यहां सीएम बनता है, वो मां कामख्या के दर्शन करने जरूर जाता है। आइए जानते हैं इसके पीछे क्या कारण है।

Why politicians visit Kamakhya Temple : असम में जब भी नई सरकार बनने जा रही होती है या कोई बड़ा राजनीतिक फैसला होता है, तो गुवाहाटी की नीलांचल पहाड़ी पर स्थित मां कामाख्या मंदिर राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र बन जाता है। मुख्यमंत्री से लेकर राष्ट्रीय स्तर के नेता तक यहां माथा टेकने पहुंचते हैं। 12 मई 2026 को भी असम में नई सरकार के शपथ ग्रहण से पहले कई बड़े भाजपा और एनडीए नेताओं ने मां कामाख्या के दर्शन किए।

Why politicians visit Kamakhya Temple  जीत के बाद कामाख्य मंदिर क्यों जाते हैं राजनेता

जीत के बाद कामाख्य मंदिर क्यों जाते हैं राजनेता

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत और अन्य नेताओं ने गुवाहाटी पहुंचकर मां कामाख्या का आशीर्वाद लिया। यह सिर्फ धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि असम की राजनीति और सांस्कृतिक पहचान का भी अहम हिस्सा माना जाता है।

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