LIVEहर साल क्रिसमस डे के दिन हिंदू धर्म के लोग तुलसी पूजन दिवस मनाते हैं। इस दिन तुलसी माता की विधि विधान पूजा की जाती है। कहते हैं तुलसी पूजन करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
तुलसी पूजन दिवस के दिन इस तरह से करें पूजा, जानिए इसकी विधि, मंत्र, कथा सहिता सारी जानकारी
हर साल क्रिसमस डे के दिन हिंदू धर्म के लोग तुलसी पूजन दिवस मनाते हैं। इस दिन तुलसी माता की विधि विधान पूजा की जाती है। कहते हैं तुलसी पूजन करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
तुलसी पूजन दिवस हर साल 25 दिसंबर को मनाया जाता है। तुलसी के पौधे के धार्मिक और औषधीय महत्व को समझते हुए ही साधु-संतों और आम लोगों ने इस दिन तुलसी पूजन दिवस मनाना शुरू कर दिया। इस पर्व को मनाने की शुरुआत 2014 से हुई और तब से लेकर आज तक क्रिसमस पर्व के दिन सनातन धर्म के लोग पूरी श्रद्धा से तुलसी पूजन दिवस मना रहे हैं। चलिए जानते हैं तुलसी पूजन दिवस कैसे मनाया जाता है और इस दिन क्या करते हैं।
तुलसी पूजा विधि (Tulsi Puja Vidhi)
- संभव हो तो तुलसी माता की पूजा परिवार सहित करें।
- तुलसी पूजन दिवस के दिन सुबह स्नान कर तुलसी के पौधे को जल अर्पित करें।
- इसके बाद मां तुलसी को अक्षत, चंदन, रोली चढ़ाएं।
- इसके बाद श्रद्धानुसार 7, 11, 21 या 111 परिक्रमा करें।
- फिर मां तुलसी का ध्यान करें और उनके मंत्रों का जाप करें।
- इसके बाद परिवार समेत तुलसी माता की आरती करें।
- तुलसी पूजन के दिन तुलसी के पौधे के समक्ष घी का दीपक जरूर जलाएं।
तुलसी जी के मंत्र (Tulsi Mantra)
- महाप्रसाद जननी सर्व सौभाग्यवर्धिनी, आधि व्याधि हरा नित्यं तुलसी त्वं नमोस्तुते।।
- ॐ तुलसीदेव्यै च विद्महे, विष्णुप्रियायै च धीमहि, तन्नो वृन्दा प्रचोदयात् ।।
तुलसी स्तुति मंत्र (Tulsi Stuti Mantra)
देवी त्वं निर्मिता पूर्वमर्चितासि मुनीश्वरैः
नमो नमस्ते तुलसी पापं हर हरिप्रिये।।
तुलसी श्रीर्महालक्ष्मीर्विद्याविद्या यशस्विनी।
धर्म्या धर्मानना देवी देवीदेवमन: प्रिया।।
लभते सुतरां भक्तिमन्ते विष्णुपदं लभेत्।
तुलसी भूर्महालक्ष्मी: पद्मिनी श्रीर्हरप्रिया।।
तुलसी माता की आरती (Tulsi Mata Ki Aarti)
तुलसी महारानी नमो-नमो,
हरि की पटरानी नमो-नमो ।
धन तुलसी पूरण तप कीनो,
शालिग्राम बनी पटरानी ।
जाके पत्र मंजरी कोमल,
श्रीपति कमल चरण लपटानी ॥
तुलसी महारानी नमो-नमो,
हरि की पटरानी नमो-नमो ।
धूप-दीप-नवैद्य आरती,
पुष्पन की वर्षा बरसानी ।
छप्पन भोग छत्तीसों व्यंजन,
बिन तुलसी हरि एक ना मानी ॥
तुलसी महारानी नमो-नमो,
हरि की पटरानी नमो-नमो ।
सभी सखी मैया तेरो यश गावें,
भक्तिदान दीजै महारानी ।
नमो-नमो तुलसी महारानी,
तुलसी महारानी नमो-नमो ॥
तुलसी महारानी नमो-नमो,
हरि की पटरानी नमो-नमो ।
DEC 25, 2024 14:22 IST
Tulsi Mantra: तुलसी मंत्र
तुलसी स्तुति मंत्र: नमो नमस्ते तुलसी पापं हर हरिप्रिये। तुलसी श्रीर्महालक्ष्मीर्विद्याविद्या यशस्विनी। धर्म्या धर्मानना देवी देवीदेवमन: प्रिया।। लभते सुतरां भक्तिमन्ते विष्णुपदं लभेत्। तुलसी भूर्महालक्ष्मी: पद्मिनी श्रीर्हरप्रिया।
DEC 25, 2024 12:48 IST
तुलसी पूजन दिवस की विधि (Tulsi Pujan Diwas Vidhi)
इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें। फिर लाल रंग के वस्त्र धारण करें। घर में रंगोली बनाएं। तुलसी के पौधे में जल अर्पित करें। इसके बाद तुलसी के गमले पर कुमकुम लगाएं। तुलसी जी का शृंगार करें। तुलसी माता को फूल, लाल चुनरी, माला, फल, शृंगार की सामग्री, पंचामृत धूप, दीप और मिठाई आदि चीजें अर्पित करें। इसके बाद तुलसी जी के मंत्रों का जाप करें। अंत में तुलसी माता की आरती करके भोग लगाएं। इसके बाद पूजा में हुई गलती के लिए माफी मांगे।
DEC 25, 2024 11:03 IST
Tulsi Pujan Diwas 2025: तुलसी पूजन दिवस 2025
तुलसी पूजन दिवस हर साल 25 दिसंबर के दिन मनाया जाता है।
DEC 25, 2024 09:59 IST
Tulsi Pujan Diwas Image: तुलसी पूजन दिवस इमेज
DEC 25, 2024 09:27 IST
भगवान विष्णु और वृंदा की कहानी
विष्णु भगवान ने वृंदा से छल किया था। वृंदा ने इस छल के बाद अपने पति के वियोग में भगवान विष्णु को श्राप दे दिया था। कहा था- आपने मेरे साथ छल किया है, अब आपकी पत्नी का भी कोई छल के साथ अपहरण करेगा। इतना ही नहीं आपको भी अपनी पत्नी के वियोग में दुख सहना होगा। इस श्राप के बाद वृंदा अपने पति जलन्धर के साथ सती हो गई थीं। सती होने के बाद राख से तुलसी के पौधे का जन्म हुआ। बाद में भगवान विष्णु को अपने किए पर दुख हुआ। उन्हें लगा कि उन्होंने वृंदा का पतिव्रता धर्म तोड़कर अच्छा नहीं किया है। भगवान विष्णु ने वृंदा को आशीष दिया कि तुलसी के रूप में वह हमेशा उनके साथ मौजूद रहेगी। यही नहीं हर साल कार्तिक शुक्ल एकादशी को शालिग्राम के रूप में उनका विवाह तुलसी के साथ संपन्न होगा। ऐसा करने वालों की वह हर मनोकामनाएं पूर्ण करेंगे। कहा जाता है कि तभी से लोग तुलसी का विवाह करने लगे।
DEC 25, 2024 08:54 IST
Tulsi Pujan Mantra: तुलसी पूजन मंत्र
महाप्रसाद जननी सर्व सौभाग्यवर्धिनी, आधि व्याधि हरा नित्यं तुलसी त्वं नमोस्तुते
ॐ तुलसीदेव्यै च विद्महे, विष्णुप्रियायै च धीमहि, तन्नो वृन्दा प्रचोदयात्
नमो नमस्ते तुलसी पापं हर हरिप्रिये
तुलसी श्रीर्महालक्ष्मीर्विद्याविद्या यशस्विनी
धर्म्या धर्मानना देवी देवीदेवमन: प्रिया
लभते सुतरां भक्तिमन्ते विष्णुपदं लभेत्
तुलसी भूर्महालक्ष्मी: पद्मिनी श्रीर्हरप्रिया
वृंदा वृंदावनी विश्वपूजिता विश्वपावनी
पुष्पसारा नंदनीय तुलसी कृष्ण जीवनी
ॐ तुलसीदेव्यै च विद्महे, विष्णुप्रियायै च धीमहि, तन्नो वृन्दा प्रचोदयात्
नमो नमस्ते तुलसी पापं हर हरिप्रिये
तुलसी श्रीर्महालक्ष्मीर्विद्याविद्या यशस्विनी
धर्म्या धर्मानना देवी देवीदेवमन: प्रिया
लभते सुतरां भक्तिमन्ते विष्णुपदं लभेत्
तुलसी भूर्महालक्ष्मी: पद्मिनी श्रीर्हरप्रिया
वृंदा वृंदावनी विश्वपूजिता विश्वपावनी
पुष्पसारा नंदनीय तुलसी कृष्ण जीवनी
DEC 25, 2024 08:02 IST
तुलसी पूजन का महत्व (Tulsi Pujan Ka Mahatva)
आजकल ज्यादातर हिंदू लोग 25 दिसंबर को तुलसी पूजन दिवस के रूप में मनाने लगे हैं। कहते हैं तुलसी पूजन करने से घर में मां लक्ष्मी का वास होता है। साथ ही जीवन में सदैव सुख-समृद्धि बनी रहती है। इतना ही नहीं जिस घर में ये पौधा होता है वहां नकारात्मक ऊर्जा नहीं ठहरती।
DEC 25, 2024 07:28 IST
Tulsi Pujan Diwas 2024, Wishes Quotes in Sanskrit: (तुलसी पूजन दिवस की शुभकामनाएं इन संस्कृत)
महाप्रसाद जननी, सर्व सौभाग्यवर्धिनी । आधि व्याधि हरा नित्यं, तुलसी त्वं नमोस्तुते ।
तुलसी पूजन दिवस की शुभकामनाएं
तुलसी पूजन दिवस की शुभकामनाएं
DEC 25, 2024 06:45 IST
तुलसी पूजन दिवस की तारीख और शुभ मुहूर्त 2024 (Tulsi Pujan Diwas 2024 Date And Time)
हिंदू पंचांग के अनुसार तुलसी पूजन दिवस हर साल 25 दिसबंर को मनाया जाता है। इस दिन कई लोग व्रत रखते हैं और शाम में विधि विधान तुलसी माता की पूजा करते हैं। तुलसी पूजन के लिए प्रदोष काल का समय शुभ माना जाता है।
DEC 25, 2024 06:04 IST
तुलसी पूजन दिवस की शुभकामनाएं
जिस घर के आंगन में हो तुलसी
वो घर स्वर्ग समान है।
तुलसी पूजन दिवस की शुभकामनाएं
वो घर स्वर्ग समान है।
तुलसी पूजन दिवस की शुभकामनाएं
DEC 24, 2024 23:59 IST
Tulsi Diwas Wishes In Hindi
DEC 24, 2024 21:42 IST
जय तुलसी माता Jai Tulsi Mata Aarti
DEC 24, 2024 21:04 IST
तुलसी पूजन दिवस की तारीख और शुभ मुहूर्त 2024 (Tulsi Pujan Diwas 2024 Date And Time)
हिंदू पंचांग के अनुसार तुलसी पूजन दिवस हर साल 25 दिसबंर को मनाया जाता है। इस दिन कई लोग व्रत रखते हैं और शाम में विधि विधान तुलसी माता की पूजा करते हैं। तुलसी पूजन के लिए प्रदोष काल का समय शुभ माना जाता है।
DEC 24, 2024 20:29 IST
तुलसी पूजन दिवस के दिन क्या करते हैं
तुलसी पूजन दिवस के दिन लोग तुलसी की पूजा करते हैं। साथ ही इस पौधे की परिक्रमा लगाते हैं। इस दिन तुलसी का पौधा लगाना भी शुभ माना जाता है।
DEC 24, 2024 20:08 IST
तुलसी पूजन दिवस रंगोली
DEC 24, 2024 19:46 IST
Tulsi Pujan Diwas 2024, Wishes Quotes in Sanskrit: तुलसी पूजन दिवस की शुभकामनाएं
वृंदा वृंदावनी विश्वपूजिता विश्वपावनी।
पुष्पसारा नंदनीय तुलसी कृष्ण जीवनी।।
एतभामांष्टक चैव स्त्रोतं नामर्थं संयुतम।
य: पठेत तां च सम्पूज्य सौश्रमेघ फलंलमेता।।
तुलसी पूजन दिवस की शुभकामनाएं
पुष्पसारा नंदनीय तुलसी कृष्ण जीवनी।।
एतभामांष्टक चैव स्त्रोतं नामर्थं संयुतम।
य: पठेत तां च सम्पूज्य सौश्रमेघ फलंलमेता।।
तुलसी पूजन दिवस की शुभकामनाएं
DEC 24, 2024 19:10 IST
तुलसी पूजन दिवस की शुभकामनाएं
महाप्रसाद जननी, सर्व सौभाग्यवर्धिनी । आधि व्याधि हरा नित्यं, तुलसी त्वं नमोस्तुते ।
तुलसी पूजन दिवस की शुभकामनाएं
तुलसी पूजन दिवस की शुभकामनाएं
DEC 24, 2024 18:54 IST
तुलसी माता आरती: Tulsi Mata Aarti
जय जय तुलसी माता,
मैया जय तुलसी माता ।
सब जग की सुख दाता,
सबकी वर माता ॥
॥ जय तुलसी माता...॥
सब योगों से ऊपर,
सब रोगों से ऊपर ।
रज से रक्ष करके,
सबकी भव त्राता ॥
॥ जय तुलसी माता...॥
बटु पुत्री है श्यामा,
सूर बल्ली है ग्राम्या ।
विष्णुप्रिय जो नर तुमको सेवे,
सो नर तर जाता ॥
॥ जय तुलसी माता...॥
हरि के शीश विराजत,
त्रिभुवन से हो वंदित ।
पतित जनों की तारिणी,
तुम हो विख्याता ॥
॥ जय तुलसी माता...॥
लेकर जन्म विजन में,
आई दिव्य भवन में ।
मानव लोक तुम्हीं से,
सुख-संपति पाता ॥
॥ जय तुलसी माता...॥
हरि को तुम अति प्यारी,
श्याम वर्ण सुकुमारी ।
प्रेम अजब है उनका,
तुमसे कैसा नाता ॥
हमारी विपद हरो तुम,
कृपा करो माता ॥
॥ जय तुलसी माता...॥
जय जय तुलसी माता,
मैया जय तुलसी माता ।
सब जग की सुख दाता,
सबकी वर माता ॥
मैया जय तुलसी माता ।
सब जग की सुख दाता,
सबकी वर माता ॥
॥ जय तुलसी माता...॥
सब योगों से ऊपर,
सब रोगों से ऊपर ।
रज से रक्ष करके,
सबकी भव त्राता ॥
॥ जय तुलसी माता...॥
बटु पुत्री है श्यामा,
सूर बल्ली है ग्राम्या ।
विष्णुप्रिय जो नर तुमको सेवे,
सो नर तर जाता ॥
॥ जय तुलसी माता...॥
हरि के शीश विराजत,
त्रिभुवन से हो वंदित ।
पतित जनों की तारिणी,
तुम हो विख्याता ॥
॥ जय तुलसी माता...॥
लेकर जन्म विजन में,
आई दिव्य भवन में ।
मानव लोक तुम्हीं से,
सुख-संपति पाता ॥
॥ जय तुलसी माता...॥
हरि को तुम अति प्यारी,
श्याम वर्ण सुकुमारी ।
प्रेम अजब है उनका,
तुमसे कैसा नाता ॥
हमारी विपद हरो तुम,
कृपा करो माता ॥
॥ जय तुलसी माता...॥
जय जय तुलसी माता,
मैया जय तुलसी माता ।
सब जग की सुख दाता,
सबकी वर माता ॥
DEC 24, 2024 18:40 IST
tulsi ji ke kitne parikrama karni chahie: तुलसी जी की कितनी परिक्रमा करनी चाहिए
हिंदू धर्म में, तुलसी के पौधे की कम से कम तीन बार परिक्रमा करनी चाहिए. परिक्रमा करते समय, जल अर्पित किया जा सकता है. तुलसी की परिक्रमा करते समय, इन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
DEC 24, 2024 18:22 IST
तुलसी पूजा किस विधि से करनी चाहिए?
तुलसी का पौधा हिंदू धर्म में बहुत पवित्र माना जाता है। इसे माता लक्ष्मी का अवतार भी कहा जाता है। तुलसी की पूजा करने से घर में सुख-शांति और समृद्धि आती है।
सुबह उठकर स्नान करने के बाद तुलसी की पूजा करना सबसे उत्तम माना जाता है।
शाम को दीपक जलाकर तुलसी की पूजा करना भी शुभ होता है।
तुलसी के पौधे में जल अर्पित करें।
तुलसी के पौधे पर रोली या कुमकुम लगाएं।
तुलसी के मंत्रों का जाप करें। आप तुलसी स्तोत्र का पाठ भी कर सकते हैं।
तुलसी की आरती करें।
आखिर में तुलसी की परिक्रमा जरूर लगाएं। इससे व्यक्ति के जीवन में शुभता और सकारात्मकता का संचार होगा।
सुबह उठकर स्नान करने के बाद तुलसी की पूजा करना सबसे उत्तम माना जाता है।
शाम को दीपक जलाकर तुलसी की पूजा करना भी शुभ होता है।
तुलसी के पौधे में जल अर्पित करें।
तुलसी के पौधे पर रोली या कुमकुम लगाएं।
तुलसी के मंत्रों का जाप करें। आप तुलसी स्तोत्र का पाठ भी कर सकते हैं।
तुलसी की आरती करें।
आखिर में तुलसी की परिक्रमा जरूर लगाएं। इससे व्यक्ति के जीवन में शुभता और सकारात्मकता का संचार होगा।
