Sawan 2027 kab se kab tak rahega (Sawan 2027 Start and End Date): सावन का महीना भगवान शिव की आराधना, जलाभिषेक और सोमवार व्रत के लिए विशेष माना जाता है। साल 2027 का सावन शिव भक्तों के लिए और भी खास रहेगा, क्योंकि इसकी शुरुआत और अंतिम सोमवार दोनों का सुंदर संयोग बन रहा है। उत्तर भारत में प्रचलित पूर्णिमांत पंचांग के अनुसार सावन 19 जुलाई 2027 से शुरू होकर 17 अगस्त 2027 तक रहेगा। इस दौरान कुल पांच सावन सोमवार व्रत रखे जाएंगे।
सावन 2027 कब से शुरू होगा, कितने सोमवार आएंगे- जानें यहां
सावन 2027 कब से कब तक रहेगा
| जानकारी | तारीख और दिन |
|---|---|
| सावन शुरू होने की तारीख | 19 जुलाई 2027, सोमवार |
| सावन समाप्त होने की तारीख | 17 अगस्त 2027, मंगलवार |
| सावन की कुल अवधि | 30 दिन |
| पहला सावन सोमवार | 19 जुलाई 2027 |
| अंतिम सावन सोमवार | 16 अगस्त 2027 |
| सावन सोमवार की संख्या | कुल 5 सोमवार |
| मान्य कैलेंडर | उत्तर भारत का पूर्णिमांत पंचांग |
दृक पंचांग के अनुसार, ये तारीखें उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ सहित उत्तर भारत के उन क्षेत्रों के लिए हैं, जहां पूर्णिमांत पंचांग का पालन किया जाता है।
सावन 2027 में कितने सोमवार आएंगे
उत्तर भारत के पूर्णिमांत पंचांग के अनुसार सावन 2027 में कुल पांच सोमवार आएंगे। पहला सोमवार 19 जुलाई और अंतिम सोमवार 16 अगस्त को होगा। सावन का आरंभ सोमवार से होने के कारण भक्तों को इस बार पूरे पांच सोमवार व्रत रखने का अवसर मिलेगा।
सावन सोमवार 2027 की लिस्ट
| सावन सोमवार | तारीख | दिन |
|---|---|---|
| पहला सावन सोमवार | 19 जुलाई 2027 | सोमवार |
| दूसरा सावन सोमवार | 26 जुलाई 2027 | सोमवार |
| तीसरा सावन सोमवार | 2 अगस्त 2027 | सोमवार |
| चौथा सावन सोमवार | 9 अगस्त 2027 | सोमवार |
| पांचवां सावन सोमवार | 16 अगस्त 2027 | सोमवार |
साल 2027 में सावन की शुरुआत सोमवार से होना विशेष संयोग माना जाएगा। सोमवार भगवान शिव को समर्पित दिन है और इसी दिन श्रावण मास आरंभ होने से भक्तों को महीने के पहले दिन ही सावन सोमवार का व्रत रखने का अवसर मिलेगा।
19 जुलाई को सावन का पहला दिन होने के साथ पहला सोमवार व्रत भी रखा जाएगा। इसके बाद प्रत्येक सात दिन के अंतर पर 26 जुलाई, 2 अगस्त, 9 अगस्त और 16 अगस्त को सोमवार व्रत आएगा। सावन 17 अगस्त को समाप्त होगा, इसलिए 16 अगस्त महीने का पांचवां और अंतिम सावन सोमवार होगा।
सावन में क्यों खास माने जाते हैं सोमवार
धार्मिक मान्यताओं में सावन भगवान शिव का प्रिय महीना और सोमवार उनका विशेष दिन माना गया है। ऐसे में सावन के सोमवार को शिव पूजा, व्रत और जलाभिषेक का महत्व बढ़ जाता है। भक्त इस दिन शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा, सफेद फूल और अक्षत अर्पित करते हैं।
मान्यता है कि सावन सोमवार का व्रत रखने और श्रद्धा से शिव पूजा करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं। विवाहित महिलाएं सुखी वैवाहिक जीवन की कामना से यह व्रत रखती हैं, जबकि अविवाहित युवतियां योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति के लिए भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती हैं।
सावन सोमवार की सरल पूजा विधि
सावन सोमवार के दिन सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें और व्रत का संकल्प लें। घर के मंदिर या शिव मंदिर में शिवलिंग पर पहले शुद्ध जल अर्पित करें। इसके बाद अपनी परंपरा के अनुसार दूध, दही, शहद या पंचामृत से अभिषेक किया जा सकता है।
शिवलिंग पर बेलपत्र, सफेद फूल, चंदन और अक्षत अर्पित करें। बेलपत्र चढ़ाते समय ध्यान रखें कि वह साफ और कटा हुआ न हो। पूजा के दौरान ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करें। शिव चालीसा या महामृत्युंजय मंत्र का पाठ भी किया जा सकता है। अंत में भगवान शिव और माता पार्वती की आरती करें।
व्रत रखने वाले श्रद्धालु फलाहार कर सकते हैं। शाम को दोबारा शिव पूजा करने के बाद व्रत खोला जा सकता है। स्वास्थ्य संबंधी परेशानी, गर्भावस्था या नियमित दवाएं लेने वाले लोग अपनी क्षमता और डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही उपवास करें।
